तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम दर्शन और जनाजे की प्रक्रिया शनिवार से राजधानी तेहरान में शुरू हो गई। ग्रैंड मुसल्ला परिसर में लाखों लोग अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। ईरानी अधिकारियों ने अगले तीन दिनों में केवल तेहरान में ही 1.5 से 2 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना जताई है, जिसके मद्देनज़र अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
ग्रैंड मुसल्ला में उमड़ी भारी भीड़
खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर ग्रैंड मुसल्ला परिसर लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भावभीनी विदाई दी। उनके साथ हवाई हमले में जान गंवाने वाले परिवार के अन्य सदस्यों के पार्थिव शरीर भी रखे गए। परिसर में शोक में डूबे लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और बड़ी संख्या में लाल झंडों के साथ अंतिम दर्शन किए।
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हुई थी, जिसके बाद पूरे ईरान में शोक का माहौल है।
भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा तेहरान पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
9 जुलाई को मशहद में होगा अंतिम संस्कार
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, खामेनेई का पार्थिव शरीर सोमवार तक तेहरान में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद मंगलवार को उसे शिया धर्म के प्रमुख केंद्र कौम ले जाया जाएगा। बुधवार को अंतिम यात्रा इराक के पवित्र शिया शहरों से होकर गुजरेगी और 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी ईरान के पवित्र शहर एवं उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
