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4 किलोमीटर दूर जंगल में जाकर मिलता है नेटवर्क तब लगता है अंगूठा

हर माह राशन लेने के लिए जंगलों में भटक कर लगाना पड़ता है अंगूठा, तब मितला है राशन

चैनपुर-: सरकार भले ही सभी गरीबों के लिए गांव-गांव तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था कर दी हो लेकिन आज भी राशन लेने के लिए कई लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चैनपुर प्रखंड के कातिग पंचायत अंतर्गत चितरपुर गांव के कार्डधारकों को राशन उठाव के लिए ई पोस मशीन में अंगूठा लगाने 4 किलोमीटर दूर पहाड़ पर जाना पड़ता है। दरअसल राशन वितरण के लिए सरकार की ओर से ऑनलाइन व्यवस्था की गई है इसमें लाभुक को पहले मशीन में अंगूठा लगाना पड़ता है जिससे ऑनलाइन यह पता चल जाता है किन लाभुकों को राशन मिला है इस व्यवस्था से राशन वितरण में भले ही पारदर्शिता बनी है लेकिन गांव में लोगों के लिए व्यवस्था सर दर्द बन गई है। कनेक्टिविटी नहीं रहने से लाभुक से लेकर डीलर सभी काफी परेशान होते हैं। कार्डधारी जयराम मिंज,अनुज एक्का प्रियंका लकड़ा ने बताया कि राशन लेने के लिए अंगूठा लगाने के लिए उन्हें हर महीने जंगल में आना पड़ता है राशन डीलर जंगल में घूम-घूम कर नेटवर्क की तलाश करते हैं ई पोस मशीन में जहां पर नेटवर्क पकड़ता है वहीं पर हम लोग अंगूठा लगाते हैं। ऐसे में महीने में राशन लेने में हमें दो से तीन दिन का समय लग जाता है इस दौरान हमारा काम काफी मार खाता है। गांव में नेटवर्क नहीं पकड़ने के कारण राशन डीलर से लेकर कार्डधारी काफी परेशान है। खुनर देवी सरवन्ति देवी सहित कई लाभुकों ने कहा कि हर माह हो रही परेशानी को देखकर लगता है कि पहले की तरह ही हमें कागज और कलम पर राशन मिलता तो इस प्रकार की परेशानी नहीं होती। ऑनलाइन अंगूठा लगाने के लिए जंगलों में दर-दर भटकना नहीं पड़ता। इन दिनों क्षेत्र में जंगली हाथियों का भी काफी प्रकोप है। अंगूठा लगवाने के दौरान किशोर से जंगली हाथी हमला कर दे इसका भी डर बना रहता है। आए दिन क्षेत्र में जंगली हाथी की उत्पादन मचाकर लोगों के घरों फसलों को नुकसान पहुंचा ही रहे हैं। वही लाभुकों ने विभाग से नेटवर्क दुरुस्त कराकर गांव में ही ऑनलाइन अंगूठा लगे इसकी व्यवस्था कराने की मांग की है।

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