संवत्सर: रौद्र | विक्रम संवत्: 2083 | शक संवत्: 1948 | युगाब्द: 5128
तिथि और समय
- मास: श्रावण
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: चतुर्थी – रात्रि 09:06 बजे तक
- नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद – रात्रि 08:43 बजे तक
- योग: अतिगण्ड – रात्रि 10:31 बजे तक
- करण: वव
सूर्य-चंद्र विवरण
- सूर्योदय: 05:25
- सूर्यास्त: 06:35
- अयन: दक्षिणायन
- गोल: उत्तर
- ऋतु: वर्षा
- पाक्षिक सूर्य: पुष्य नक्षत्र में
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल: सायं 04:30 से 06:00 बजे तक
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा
आज का व्रत-त्योहार
- संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत
चन्द्रोदय – रात्रि 08:57 बजे, चन्द्रार्घ्यदान - सर्वार्थसिद्धि योग – रात्रि 08:43 बजे के उपरांत
कल का व्रत-त्योहार – 03 अगस्त, सोमवार
- श्रावण सोमवार व्रत – सायं उमा-महेश्वर पूजन
- श्लेषा नक्षत्र का सूर्य – रात्रि 11:25 बजे से
- जयंती: राष्ट्रकवि पद्मभूषण मैथिलीशरण गुप्त जन्म दिवस
सुविचार
जुबान से मीठे और दिमाग से जहरीले शकुनी जैसे लोगों से बचना चाहिए, वरना आपकी जिंदगी में भी महाभारत हो सकता है।
संस्कृत सुभाषित
नराः नरान् दशन्त्यद्य हसन्सर्पो बिले स्थितः।
नरांश्च तादृशान् दृष्ट्वा सर्पाः बिभ्यति तद्विषात्।
भावार्थ: आज के समय में इंसान ही इंसान को डस रहा है और साँप बिल में बैठकर हंस रहा है। जब से आदमी डसने लगा है, उसके जहर से साँप भी डरने लगा है।
सर्वे भवन्तु सुखिनः
सौजन्य: सुशील कुमार पाण्डेय, प्राचार्य
आर्षविद्या शिक्षा प्रचार सेवा संस्थान – वेद विद्यालय


