एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी से मचा बवाल, पैराग्वे की सीनेटर पर भड़का फ्रांस

मियामी। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे पर पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला की नस्लीय टिप्पणी को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है। एमबाप्पे ने सीनेटर को “घृणित महिला” बताते हुए कहा कि वह अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के योग्य नहीं हैं। इस मामले में फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ, पैराग्वे सरकार, फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय और पैराग्वे की संसद ने भी अमारिला के बयान की कड़ी निंदा की है।

फ्रांस की जीत के बाद विवादित टिप्पणी

राउंड ऑफ-16 मुकाबले में किलियन एमबाप्पे के पेनाल्टी गोल की बदौलत फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। मैच के बाद पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करते हुए उन्हें “कैमरून मूल का उपनिवेशित व्यक्ति” और “जंगली” बताया। उन्होंने यहां तक कहा कि पैराग्वे के खिलाड़ियों को मैच के बाद एमबाप्पे को थप्पड़ मार देना चाहिए था।

एमबाप्पे का पलटवार

एमबाप्पे ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि सेलेस्टे अमारिला एक “घृणित महिला” हैं और अपने पद के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमारिला पैराग्वे की उस भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, जिसने पूरे विश्व कप में सम्मान और जुनून के साथ खेल दिखाया।

फ्रांसीसी कप्तान ने कहा कि नस्लवाद और नफरत फैलाने वालों को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, इस विवाद के कारण अब दुनिया पैराग्वे की टीम के शानदार प्रदर्शन के बजाय एक गैर-जिम्मेदार बयान को याद रखेगी।

फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ करेगा कानूनी कार्रवाई

फ्रांसीसी फुटबॉल महासंघ ने अमारिला की टिप्पणी को अस्वीकार्य और आपराधिक बताते हुए उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है। महासंघ ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां फ्रांस की राष्ट्रीय टीम और पूरे देश का अपमान हैं तथा मामले को कानूनी प्रक्रिया के लिए अभियोजन अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।

पैराग्वे सरकार और संसद ने भी जताई नाराजगी

पैराग्वे सरकार ने स्पष्ट किया कि अमारिला की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत राय है और इसका सरकार या देश की जनता से कोई संबंध नहीं है। सरकार ने कहा कि यह बयान मानव गरिमा, सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के मूल्यों के विपरीत है।

वहीं, पैराग्वे संसद के अध्यक्ष बासिलियो नुनेज़ ने भी नस्लीय और हिंसा भड़काने वाले बयानों की निंदा करते हुए कहा कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए तथा पैराग्वे की टीम ने विश्व कप में सम्मानजनक प्रदर्शन किया है।

फ्रांस की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यालय ने बताया कि पैराग्वे के राष्ट्रपति ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए नस्लीय टिप्पणियों की निंदा की है। फ्रांस के सहायक कोच गाय स्टीफन ने भी इस बयान को “शर्मनाक, घिनौना और पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया।

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