शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के परमिट शुल्क में बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिवहन विभाग ने हिमाचल प्रदेश मोटर यान नियम, 1999 में संशोधन का मसौदा जारी कर आम जनता, वाहन संचालकों और संबंधित संगठनों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार बसों के नियमित परमिट के लिए आवेदन शुल्क 1,500 रुपये और अस्थायी परमिट के लिए 750 रुपये करने का प्रस्ताव है। अन्य मंजिली गाड़ियों और निजी सेवा वाहनों के लिए नियमित परमिट शुल्क 1,000 रुपये तथा अस्थायी परमिट शुल्क 500 रुपये निर्धारित करने की तैयारी है।
मालवाहक वाहनों के लिए भी नई शुल्क दरें प्रस्तावित की गई हैं। हल्के मालवाहक वाहनों के नियमित परमिट पर 200 रुपये और अस्थायी परमिट पर 100 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के नियमित व अस्थायी दोनों प्रकार के परमिट के लिए 100-100 रुपये शुल्क प्रस्तावित है। मोटर कैब, ऑटो रिक्शा और मैक्सी कैब के शुल्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और इसे 50 रुपये ही रखा गया है।
मसौदा नियमों में एक नया प्रावधान भी जोड़ा गया है, जिसके तहत शुल्क दरों में हर दो वर्ष बाद स्वतः 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बढ़ी हुई राशि को निकटतम 10 रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा। इससे भविष्य में शुल्क संशोधन के लिए अलग से नियम बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सरकार ने अभी इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं दी है। अधिसूचना जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर नागरिक, वाहन मालिक और परिवहन कारोबारी अपनी आपत्तियां और सुझाव अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) को भेज सकते हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
परिवहन विभाग के अनुसार संशोधित नियम लागू होने पर परमिट अथवा प्रतिहस्ताक्षर के आवेदन के साथ भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदकों को नकद रसीद, ऑनलाइन भुगतान रसीद या ट्रेजरी चालान जमा करना होगा। विभाग का कहना है कि इससे परमिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।
