ट्विशा शर्मा मौत मामला : दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को मिली, जांच में तेजी

भोपाल। अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दिल्ली एम्स द्वारा तैयार दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच एजेंसी ने मामले की पड़ताल तेज कर दी है।

ट्विशा शर्मा के अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बुधवार को बताया कि एम्स के विशेषज्ञों द्वारा तैयार दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी गई है। फिलहाल जांच दल रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर रहा है। रिपोर्ट को जल्द ही उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद अदालत के निर्देशों के अनुसार जांच की आगे की दिशा तय होगी।

सूत्रों के अनुसार, अब सीबीआई का मुख्य ध्यान गर्भधारण, गर्भपात और उसके बाद हुई मौत के बीच की परिस्थितियों को समझने पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गर्भपात और मौत के बीच घटनाक्रम किस प्रकार विकसित हुआ। इसके लिए पारिवारिक परिस्थितियों, फोन रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। दोनों पक्षों के दावों में अंतर होने के कारण जांच की हर कड़ी को बारीकी से परखा जा रहा है।

हालांकि, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर सीबीआई ने अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट के निशानों और गर्भपात से जुड़े तथ्यों का भी परीक्षण किया गया है।

उधर, घटनास्थल के पुनर्निर्माण के दौरान केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और परीक्षण रिपोर्ट का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। एम्स की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का मिलान इन निष्कर्षों से किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला आत्महत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने अथवा किसी साजिश से जुड़ा है।

मामले की शुरुआती जांच से जुड़ी कुछ लापरवाहियां भी सामने आई हैं। कटारा हिल्स थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा पर घटना में इस्तेमाल की गई बेल्ट को चिकित्सकों की टीम तक पहुंचाने में दो दिन की देरी करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर चूक माना गया है। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि चिकित्सकीय, न्यायालयिक विज्ञान और डिजिटल साक्ष्यों के पूर्ण विश्लेषण के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। जांच एजेंसी फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों की भी बारीकी से जांच कर रही है।

वहीं, सीबीआई की एक विशेष टीम ट्विशा शर्मा के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच में जुटी है। हटाए गए डाटा को वापस प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकें। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि ये साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाएंगे।

इस मामले में ट्विशा शर्मा की सास, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति अधिवक्ता समर्थ सिंह फिलहाल भोपाल केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों पर दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकाने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं।

सूत्रों के मुताबिक, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि कोई नए तथ्य सामने आते हैं तो सीबीआई दोनों आरोपितों से दोबारा पूछताछ कर सकती है।

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