नई दिल्ली। पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में उत्तर प्रदेश के बरेली से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का दावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जापान में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे 1.63 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपित खुद को भर्ती सलाहकार और जापान की नामी कंपनियों के अधिकारी बताकर संपर्क करते थे। शिकायत के आधार पर 22 दिसंबर 2025 को पूर्वी जिला साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
फर्जी ई-मेल और इंटरव्यू के जरिए करते थे ठगी
जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम के लेनदेन का विश्लेषण किया। मनी ट्रेल की जांच में बरेली निवासी 22 वर्षीय कुश भटनागर के खाते में 1.27 लाख रुपये और सह-आरोपित 23 वर्षीय अमित के खाते में 14,850 रुपये ट्रांसफर होने का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने बरेली में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह नौकरी पोर्टलों से युवाओं का डाटा जुटाता था और फिर जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे टोयोटा और निप्पॉन स्टील कॉरपोरेशन के नाम से फर्जी ई-मेल भेजता था। इसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू आयोजित कर वीजा, दस्तावेज सत्यापन, दूतावास मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर रकम वसूल ली जाती थी।
अन्य सदस्यों की तलाश जारी, पुलिस ने जारी की सलाह
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी भर्ती से जुड़े ई-मेल खातों की जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश या किसी भी नौकरी के नाम पर भुगतान करने से पहले संबंधित कंपनी और भर्ती एजेंसी की सत्यता की पूरी जांच करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
