साहिबगंज। पतना प्रखंड के झिकटिया स्थित बिंदुधाम में अर्धनिर्मित दुर्गा मंदिर के निर्माण कार्य में कथित रूप से बाधा डाले जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सैकड़ों ग्रामीणों ने रांगा थाना और पतना अंचलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर आरोपितों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वर्षों से अधूरा है दुर्गा मंदिर
ग्रामीणों के अनुसार बिंदुधाम मंदिर के प्रवेश द्वार के समीप स्थित दुर्गा मंदिर कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। मंदिर में न छत है और न ही दीवार पूरी हो सकी है। इसके बावजूद यहां हर वर्ष दुर्गा पूजा धूमधाम से आयोजित की जाती है और लाखों रुपये का चंदा भी एकत्र किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूजा के बाद मंदिर निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जाती और चंदे का सार्वजनिक लेखा-जोखा भी उपलब्ध नहीं कराया जाता।
अधूरे मंदिर में पशु-पक्षियों के आने और गंदगी फैलने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
समाजसेवी ने शुरू कराई पहल, निर्माण कार्य रुकवाने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर निर्माण को लेकर समाजसेवी दिनेश कर्मकार से आग्रह किया गया था। इसके बाद उन्होंने मंदिर का निरीक्षण कर निर्माण सामग्री, जिसमें ईंट आदि शामिल हैं, मंदिर परिसर में पहुंचवाई और निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि 15 जून को निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही झिकटिया निवासी एक ही परिवार के कुछ लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। इससे गांव के लोगों में नाराजगी फैल गई।
तीन लोगों के खिलाफ शिकायत
इस मामले में ग्रामीणों ने रांगा थाना और पतना अंचलाधिकारी को आवेदन देकर झिकटिया निवासी तलामय टुडु (पति स्व. चांदु सोरेन), जय सोरेन (पिता स्व. चांदु सोरेन) और पार्वती सोरेन (पिता स्व. चांदु सोरेन) पर मंदिर निर्माण कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इन सभी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल के निर्माण में बाधा डालना सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा अधूरे पड़े दुर्गा मंदिर का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है।
