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महिला को अर्द्धनग्न कर घुमाने का वीडियो वायरल, नौ नामजद समेत कई पर केस

अमड़ापाड़ा : पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड अंतर्गत बूढ़ीडूबा गांव में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर एक विवाहित महिला और उसके कथित प्रेमी के साथ हुई अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दोनों को कथित तौर पर कई दिनों तक बंधक बनाकर रखने, महिला को अर्द्धनग्न अवस्था में गांव में घुमाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। इस घटना ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने कथित प्रेम संबंध को आधार बनाकर दोनों को बंधक बनाया और बाद में महिला को अर्द्धनग्न अवस्था में गांव में घुमाया। इस दौरान मारपीट और अपमानजनक व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। घटना के कई वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है।

सूचना मिलते ही अमड़ापाड़ा थाना पुलिस गांव पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ विजय कुमार स्वयं घटनास्थल पहुंचे और जांच की निगरानी करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

पुलिस ने पीड़िता के बयान पर अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 49/2026 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत नौ नामजद तथा डेढ़ दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता का मायका और ससुराल दोनों अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में हैं, जबकि कथित प्रेमी साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड का निवासी है। यह आरोप भी लगाया गया है कि महिला को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करने की पूरी घटना उसके पति के इशारे पर अंजाम दी गई।

विदित हो कि दोनों को दो से तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, लेकिन इतनी गंभीर घटना की सूचना समय रहते पुलिस या प्रशासन को नहीं दी गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ग्राम प्रधान व मुखिया को घटना की जानकारी थी, और यदि थी तो उन्होंने प्रशासन को अवगत क्यों नहीं कराया?

● कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कथित सामाजिक या पारिवारिक विवाद के नाम पर कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। यदि दो बालिगों के संबंधों को लेकर आपत्ति भी हो, तब भी सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, बंधक बनाना, मारपीट करना और महिला की गरिमा से खिलवाड़ करना गंभीर दंडनीय अपराध है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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