पूर्वी सिंहभूम। टेल्को स्थित प्रेम नगर डनलोप में शुक्रवार से श्री नर्मदेश्वर पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव का श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत शुभारंभ हुआ। महोत्सव के पहले दिन 201 महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर भव्य कलश यात्रा में भाग लिया। भगवान शिव के जयकारों, शंखनाद और भक्ति संगीत से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
दोमुहानी नदी से लाया गया पवित्र जल
महोत्सव की शुरुआत सोनारी स्थित दोमुहानी नदी से पवित्र जल संग्रह के साथ हुई। आचार्य राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के बीच कलशों में जल भरवाया। इसके बाद मुख्य यजमान, श्रद्धालु महिलाएं और आयोजन समिति के सदस्य गाजे-बाजे व भक्ति गीतों के साथ कलश यात्रा निकालते हुए प्रेम नगर स्थित मंदिर पहुंचे।
मंदिर परिसर में सुबह 6:30 बजे से वेदी पूजन, कर्मकुटीर स्थापना और जलाधिवास पूजन सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठान शुरू हुए। आचार्य राजकुमार मिश्रा ने बताया कि सनातन परंपरा में कलश यात्रा किसी भी धार्मिक आयोजन का शुभारंभ मानी जाती है और कलश का पवित्र जल देवशक्ति, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है।
शनिवार को होगा पुनः प्रतिष्ठा संस्कार
आचार्य ने बताया कि भगवान नर्मदेश्वर शिवलिंग को दोमुहानी नदी से लाए गए पवित्र जल में पूरी रात अधिवास कराया जाएगा। शनिवार सुबह शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ और विधि-विधान के साथ भगवान शिव का विशेष पूजन एवं पुनः प्रतिष्ठा संस्कार संपन्न होगा।
उन्होंने कहा कि पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव केवल देव विग्रह की स्थापना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आत्मशुद्धि, आस्था और सनातन संस्कृति से जुड़ने का पावन अवसर है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मकता, धार्मिक चेतना और लोककल्याण की भावना मजबूत होती है।
महोत्सव में मुख्य यजमान के रूप में दिलीप जायसवाल एवं उनकी धर्मपत्नी किरण देवी सभी धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हैं। आयोजन को सफल बनाने में धनंजय पांडेय, संजय कुमार (लाल), टोनी सिंह, विजय कुमार सिंह, अजय सिंह, समरेश सिंह, गिडू संजय, जितेंद्र पांडेय सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
