होंठ फटना केवल सर्दियों की समस्या नहीं है। कई लोगों के होंठ पूरे साल रूखे और फटे रहते हैं। इसके पीछे मौसम के अलावा शरीर में पोषण की कमी, कुछ बीमारियां, दवाइयों का असर और रोजमर्रा की गलत आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार सही देखभाल और कुछ सावधानियां अपनाकर होंठों को लंबे समय तक मुलायम रखा जा सकता है।
होंठों की त्वचा चेहरे के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पतली होती है और यहां प्राकृतिक तेल बनाने वाली ग्रंथियां नहीं होतीं। इसी वजह से होंठ जल्दी नमी खो देते हैं और फटने लगते हैं। कई बार स्थिति गंभीर होने पर होंठों में गहरी दरारें पड़ जाती हैं और खून भी निकल सकता है।
इन कारणों से पूरे साल फट सकते हैं होंठ
- मौसम का असर: तेज हवा, ठंड, अधिक गर्मी या लंबे समय तक वातानुकूलित कमरे में रहने से होंठ सूखने लगते हैं।
- कुछ बीमारियां: हाइपोथायरॉयडिज्म, मधुमेह, एक्जिमा और एटोपिक डर्मेटाइटिस जैसी बीमारियां भी होंठों के रूखेपन का कारण बन सकती हैं।
- एलर्जी: लिप बाम, लिपस्टिक, टूथपेस्ट या माउथवॉश में मौजूद सुगंध, रंग और संरक्षक तत्वों से एलर्जी होने पर भी होंठ फट सकते हैं।
- पोषण की कमी: आयरन, जिंक और विटामिन बी समूह की कमी से होंठ फटने के साथ थकान और बार-बार मुंह में छाले की समस्या भी हो सकती है।
- दवाइयों का प्रभाव: मुंहासों की कुछ दवाइयां, कीमोथेरेपी की दवाएं और कुछ अन्य औषधियां होंठों को अत्यधिक रूखा बना सकती हैं।
रोजमर्रा की ये आदतें बढ़ाती हैं परेशानी
- कम पानी पीना।
- बार-बार होंठों पर जीभ फेरना।
- मुंह से सांस लेने की आदत।
- होंठों की सूखी पपड़ी को खींचना या दांतों से काटना।
- तेज खुशबू, कपूर, मेंथॉल, नीलगिरी तेल या अल्कोहल वाले लिप उत्पादों का इस्तेमाल।
होंठों को मुलायम रखने के आसान उपाय
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- होंठों को चाटने या पपड़ी हटाने से बचें।
- रात में पहले लिप बाम लगाएं, फिर उसके ऊपर हल्की परत वैसलीन या पैराफिन आधारित उत्पाद की लगाएं।
- आयरन, जिंक और विटामिन बी युक्त भोजन जैसे हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और दूध का सेवन करें।
- दिन के समय धूप से बचाव के लिए एसपीएफ युक्त लिप बाम का उपयोग करें।
- ऐसे लिप उत्पाद चुनें जिनमें तेज सुगंध, मेंथॉल, कपूर या कृत्रिम स्वाद न हो।
कब डॉक्टर से मिलें
यदि होंठ लंबे समय तक फटे रहें, बार-बार खून आए, सूजन, संक्रमण या एलर्जी के लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
