नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की हालिया बैठक के बाद माना जा रहा है कि पार्टी की राष्ट्रीय टीम, संसदीय बोर्ड और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मोदी-शाह-नितिन नवीन की बैठक के बाद बढ़ीं अटकलें
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमित शाह और नितिन नवीन के साथ बैठक की। इसके बाद पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों की नई सूची और केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इससे पहले जून की शुरुआत में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।
नई राष्ट्रीय टीम का जल्द हो सकता है ऐलान
बताया जा रहा है कि नितिन नवीन के नेतृत्व में जल्द ही नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी है। पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था संसदीय बोर्ड में भी नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
संगठन में बदलाव पर लंबे समय से चल रही चर्चा
रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में भाजपा का विस्तार तो हुआ, लेकिन संगठनात्मक ढांचे में अपेक्षित बदलाव नहीं किए गए। इसी वजह से नेतृत्व पर कार्यभार बढ़ा है। अब नई टीम और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के साथ संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर काम हो रहा है।
इन प्रस्तावों पर हो रहा है विचार
सूत्रों के अनुसार, पार्टी में कई अहम बदलावों पर मंथन चल रहा है। इनमें संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाना और वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। राष्ट्रीय पदाधिकारियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 60 किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।
यूपी चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने पर जोर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में भाजपा संगठन को पूरी तरह सक्रिय और मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की संगठनात्मक टीम के गठन पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। पार्टी नेतृत्व अन्य राज्यों की राजनीतिक स्थिति और संभावित संगठनात्मक बदलावों की भी समीक्षा कर रहा है।
