बढ़ता हुआ एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल हृदय स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए खानपान और जीवनशैली में बदलाव जरूरी होता है। कुछ हर्बल चाय में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, ये किसी दवा का विकल्प नहीं हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
इन चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और अन्य प्राकृतिक गुण शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। आइए जानते हैं एलडीएल को नियंत्रित रखने में मददगार मानी जाने वाली 5 चाय और उन्हें बनाने का तरीका।
काली मिर्च और हल्दी की चाय
काली मिर्च और हल्दी में मौजूद तत्व शरीर में सूजन कम करने और पाचन सुधारने में मदद कर सकते हैं।
बनाने का तरीका:
- एक कप पानी उबालें।
- इसमें एक छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर और एक छोटी चम्मच हल्दी डालें।
- इसे करीब 5 मिनट तक उबालें।
- छानकर गुनगुना सेवन करें।
दालचीनी और अदरक की चाय
दालचीनी और अदरक का सेवन मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मदद कर सकता है।
बनाने का तरीका:
- एक कप पानी में एक चम्मच कटा हुआ अदरक डालें।
- इसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं।
- मिश्रण को 5 मिनट तक उबालें।
- छानकर गुनगुना पिएं।
लहसुन की चाय
लहसुन को हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद तत्व कोलेस्ट्रॉल संतुलन में मदद कर सकते हैं।
बनाने का तरीका:
- एक कप पानी गर्म करें।
- इसमें एक कली लहसुन को कुचलकर डालें।
- चाहें तो थोड़ी मुलेठी मिला सकते हैं।
- 4 से 5 मिनट उबालने के बाद सेवन करें।
गुग्गुल की चाय
आयुर्वेद में गुग्गुल का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। इसे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए भी उपयोग किया जाता है।
बनाने का तरीका:
- एक कप पानी में आधा चम्मच गुग्गुल पाउडर डालें।
- इसमें थोड़ी त्रिफला भी मिला सकते हैं।
- इसे कुछ देर उबालकर छान लें और गुनगुना पिएं।
अर्जुन की छाल की चाय
अर्जुन की छाल को हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।
बनाने का तरीका:
- एक कप पानी में एक छोटी चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर डालें।
- इसमें थोड़ा दालचीनी पाउडर मिलाएं।
- 5 मिनट तक उबालने के बाद छानकर सेवन करें।
सावधानी रखना जरूरी
हर्बल चाय का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अधिक सेवन से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है। जो लोग कोलेस्ट्रॉल की दवा या अन्य नियमित दवाएं लेते हैं, उन्हें आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
एलडीएल को नियंत्रित रखने के लिए केवल चाय पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है।


