नई दिल्ली। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी जुनिपर ग्रीन एनर्जी का 1,800 करोड़ रुपये का आईपीओ गुरुवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। निवेशक इस आईपीओ में 3 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर 6 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
214 से 225 रुपये तय किया गया मूल्य दायरा
जुनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ के लिए प्रति शेयर 214 रुपये से 225 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। इसमें एक लॉट में 66 शेयर शामिल हैं। खुदरा निवेशक न्यूनतम एक लॉट यानी 66 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए 14,850 रुपये का निवेश करना होगा।
वहीं, अधिकतम 13 लॉट यानी 858 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके लिए 1,93,050 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 8,00,09,150 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
4 अगस्त को होगा शेयरों का आवंटन
आईपीओ बंद होने के बाद 4 अगस्त को शेयरों का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त को आवंटित शेयर निवेशकों के डीमैट खाते में जमा होंगे।
आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए 49.94 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। खुदरा निवेशकों के लिए 34.96 प्रतिशत और गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 14.98 प्रतिशत हिस्सा तय किया गया है। कर्मचारियों के लिए 0.12 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है।
इस इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड को प्रमुख प्रबंधक बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रजिस्ट्रार की भूमिका निभाएगी।
राजस्व में बढ़ोतरी, कर्ज भी बढ़ा
कंपनी के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, जुनिपर ग्रीन एनर्जी की वित्तीय स्थिति में पिछले वर्षों में सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 40.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। वर्ष 2024-25 में यह घटकर 36.48 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2025-26 में बढ़कर 40.46 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी का राजस्व लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कुल राजस्व 424.45 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 569.78 करोड़ रुपये और 2025-26 में 804.93 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि, इस दौरान कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2,671.70 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2024-25 में बढ़कर 5,502.53 करोड़ रुपये और 2025-26 में 12,920.54 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में सुधार
जुनिपर ग्रीन एनर्जी का नेटवर्थ वित्त वर्ष 2023-24 में 108.21 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 116.29 करोड़ रुपये और 2025-26 में 113.89 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 1,555.14 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 2,870.91 करोड़ रुपये और 2025-26 में 2,934.89 करोड़ रुपये पहुंच गया।
वहीं, कंपनी का ईबीआईटीडीए वित्त वर्ष 2023-24 में 370.84 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 485.69 करोड़ रुपये और 2025-26 में 692.18 करोड़ रुपये हो गया।


