भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन-2026 का शुक्रवार को तीसरा दिन है। आज ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे, जबकि शाम को ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।
जनसंपर्क विभाग के अनुसार, भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ भारत और सदस्य ब्रिक्स देशों के प्रख्यात संगीतकारों एवं कलाकारों को एक मंच पर लाने वाला विशेष सहयोगात्मक संगीतमय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की शुरुआत ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आह्वान के साथ होगी, जिसके बाद हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय परंपराओं का उत्सव मनाने वाली ‘कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक’ की प्रस्तुति होगी।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘ब्रिक्स पीस सॉन्ग-पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड’ होगा, जो भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों की संगीतमय परंपराओं की एक अनूठी यात्रा प्रस्तुत करेगा। इसमें बेलारूस, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की सांगीतिक परंपराओं का समावेश होगा। कार्यक्रम में ‘पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल’ और ‘क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी’ जैसी भव्य आर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां भी शामिल रहेंगी।
मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की भव्य प्रस्तुति
महोत्सव की अंतिम और भव्य प्रस्तुति ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश-एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा’ होगी। विख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य-संरचना ॐ की अनादि ध्वनि के साथ मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा को सजीव करेगी। इसमें भीमबेटका, सांची और खजुराहो की विश्व धरोहर विरासत, चित्रकूट के राम-पथ गमन, उज्जैन के संदीपनि आश्रम की कृष्ण-लीला, ग्वालियर, ओरछा और मांडू के ऐतिहासिक किलों, महेश्वरी-चंदेरी वस्त्र-शिल्प तथा बैगा, मटकी और बधाई जैसे लोक-नृत्यों की झलक दिखाई जाएगी। प्रस्तुति के माध्यम से अतिथियों को ‘सिंहस्थ कुंभ-2028’ का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक निमंत्रण भी दिया जाएगा। महोत्सव का समापन मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।
शनिवार को होगी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक
शनिवार को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर चर्चा होगी। यह बैठक ‘ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा’ को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जो भविष्य में सांस्कृतिक सहयोग के लिए साझा दृष्टिकोण और रोडमैप प्रस्तुत करेगी।
मंत्रीस्तरीय बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का दौरा करेगा। प्रतिनिधि बुद्ध जंबूदीप और विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का विशेष गाइडेड भ्रमण करेंगे। यात्रा के दौरान चेतियागिरी मंदिर में दर्शन के साथ योग और ध्यान सत्र में भी भाग लिया जाएगा। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा।


