काठमांडू। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में दो-तिहाई बहुमत की सरकार बनने के बाद सिविल सर्विस कर्मचारियों के इस्तीफों में तेजी आ गई है। सरकार की प्रस्तावित नीतियों और कार्यशैली से असंतुष्ट होकर सचिव से लेकर निचले प्रशासनिक स्तर तक के कर्मचारी लगातार पद छोड़ रहे हैं।
दो सचिवों के इस्तीफे मंजूर
सूचना एवं संचार मंत्रालय के सचिव डॉ. कमलप्रसाद पोखरेल और प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के सचिव बाबूराम अधिकारी ने मंगलवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। सरकारी प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में दोनों अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए।
डॉ. पोखरेल का 13 दिन पहले ही सूचना एवं संचार मंत्रालय में तबादला किया गया था और उनकी सेवा अवधि अभी एक वर्ष से अधिक शेष थी। वह इससे पहले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के प्रमुख सांख्यिकी अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। वहीं बाबूराम अधिकारी अगस्त के अंतिम सप्ताह में अनिवार्य सेवानिवृत्ति होने वाले थे।
निजामती सेवा विधेयक से बढ़ा असंतोष
सरकार के संघीय निजामती सेवा विधेयक के मसौदे को आगे बढ़ाए जाने के बाद कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके और 30 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की योजना है।
अब तक करीब एक दर्जन सह सचिव, तीन दर्जन उप सचिव और बड़ी संख्या में अन्य कर्मचारी इस्तीफा दे चुके हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार पद छोड़ने से सरकारी कामकाज और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


