Homeझारखंडचतरा में मिले सरकारी पौष्टिक आहार के हजारों खाली पैकेट

चतरा में मिले सरकारी पौष्टिक आहार के हजारों खाली पैकेट

चतरा : गरीबों के बीच निशुल्क बांटे जाने वाले फूड सप्लीमेंट के हजारों खाली पैकेट मिले हैं। झारखंड सरकार के द्वारा आंगनबाड़ी केदो के माध्यम से गांव के नवजात, कुपोषित बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के बीच पौष्टिक आहार बांटे जाते हैं। इन आहार के पैकेट को कहीं खाली कर खाली पैकेट को किनारे फेंक दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं के बीच वितरित होने वाले फूड सप्लीमेंट के हजारों खाली पैकेट सड़क किनारे रविवार को फेके हुए मिले हैं।

फूड सप्लीमेंट के पैकेट आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण बच्चों और महिलाओं के बीच निशुल्क वितरित किए जाते हैं। दर्जनों बोरों में बंद हजारों खाली रैपर सड़क के किनारे पड़े हुए हैं। आधा किलोमीटर के दूरी में हजारों की संख्या में पैकेट और बोरी बिखरे पड़े हैं। इधर से गुजरने वाले राहगीर इन पैकेट को देखकर तरह तरह के सवाल कर रहे हैं।

चतरा जिले के पत्थलगडा-गिद्धौर प्रखंड के सीमाने में बंदरचुंआ पहाड़ी के नीचे पत्थलगडा-इटखोरी वाया गांगपुर मुख्य पथ में इन खाली पैकेटों को बिखेर दिया गया है। लबानी पुल से लेकर बंदरचुआं पहाड़ी तक कई बोरों में जिसमें झारखंड सरकार का लोगो भी लगा है उनमें खाली पैकेट भरे हुए हैं। कई पैकैट में मीठा दलिया और फूड सप्लीमेंट अब भी पड़ा हुआ है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के द्वारा आंगनबाड़ी सेवाएं योजना के अंतर्गत माइक्रोन्यूट्रिएंस फोर्टीफाइड फूड एनर्जी डेंस फूड का निशुल्क वितरण के लिए पैकेट आंगनबाड़ी केंद्रों को सप्लाई किया जाता है। यह योजना झारखंड सरकार के द्वारा चलाई जा रही है।

सड़क किनारे बिखरे बोरों में इंटरलिंक फूड प्राइवेट लिमिटेड पतरातू इंडस्ट्रियल एरिया रामगढ़ का नेम टैग और झारखंड सरकार का लोगो लगा हुआ है। यह पैकेट झार-न्यूट्री आईसीडीएस झारखंड के लिए फूड सप्लीमेंट आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती व धात्री महिलाओं समेत 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों के बीच वितरण किया जाता है। बिखरे पैकेट में शिशु आहार जो 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों के लिए, पौष्टिक मीठा दलिया धात्री मात्राओं के लिए, पौष्टिक नमकीन- दलिया गर्भवती महिलाओं के लिए और पौष्टिक मीठा दलिया अति कुपोषित बच्चों के लिए वितरण किया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों व महिलाओं के लिए 6 अलग अलग पैकेट में बंद फूड सप्लीमेंट बांटे जाते हैं।

फूड सप्लीमेंट को निकालकर खाली पैकेट को जमाकर सड़क किनारे फेंका गया है। यहां इतने सारा पैकेट कहां से आये और कौन फेंका कोई नहीं बता रहा है। ठीक है गए खाली पकटन में फूड सप्लीमेंट का मैन्युफैक्चरिंग डेट 27.10.2024 और एक्सपायरी डेट 25.01.2025 है।

मुखिया कुमारी संगीता सिंहा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं और बच्चों के बीच फूड सप्लीमेंट बांटने का प्रावधान है। ऐसे में एक साथ हजारों पैकेट मिलना किसी बड़े भ्रष्टाचार से इंकार नहीं किया जा सकता है। उच्च स्तरीय जांच हो तो सच्चाई सामने आ जायेगी। गरीबों का आहार का कालाबाजारी कर पैकेट को फेंका गया है। पत्थलगडा बीडीओ कलिंद्र साहू ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। इतना सारा पैकेट कहां से आया इसकी जांच कराएंगे।

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