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अयस्क के नाम पर खेला गया अरबों का खेल… और खुला बड़ा राज़!

नई दिल्ली। ईडी के पणजी आंचलिक कार्यालय ने 19 जून को जारी एक अंतरिम कुर्की आदेश के तहत यह कुर्की की। कुर्क की गई संपत्तियों में भारत में स्थित 459.10 करोड़ रुपये मूल्य की 99 अचल संपत्तियां, सिंगापुर में स्थित 471.32 करोड़ रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियां और भारतीय कंपनियों में 93.42 करोड़ रुपये मूल्य के इक्विटी शेयर शामिल हैं। ये संपत्तियां स्वर्गीय अनिल वासुदेव सलगांवकर की संपत्ति (उनकी प्रशासनिक श्रीमती लक्ष्मी अनिल सलगांवकर के माध्यम से), मैसर्स सलगांवकर माइनिंग इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स शांतिलाल खुशालदास एंड ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स एस कांतिलाल एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स सलीथो ओर्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स वर्टेक्स न्यूटन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स सुवर्णरेखा पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत हैं। ईडी ने बताया कि एजेंसी ने गोवा पुलिस की सीआईडी अपराध शाखा द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर) के तहत दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। इस मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी 21 अप्रैल, 2014 और 7 फरवरी, 2018 के अपने फैसलों में स्पष्ट किया था कि गोवा में 22 नवंबर 2007 के बाद (नए खनन पट्टे जारी होने तक) किया गया सारा खनन अवैध और बिना कानूनी अधिकार के था। ईडी ने बताया कि एजेंसी की जांच में खुलासा हुआ कि एवीएस समूह ने वर्ष 2007 से 2012 के दौरान कुल दस खनन पट्टों का संचालन किया और लौह अयस्क के अवैध निष्कर्षण, बिक्री व निर्यात से लगभग 2,492.95 करोड़ की अपराध की कमाई अर्जित की। अवैध रूप से निकाले गए इस अयस्क को बेहद कम कीमतों पर ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) में पंजीकृत शेल कंपनियों को निर्यात किया गया था। इन कागजी मध्यस्थ कंपनियों ने इस अयस्क को आगे चीन को बेच दिया, जिससे लगभग 2,744.89 करोड़ का अतिरिक्त विदेशी व्यापार लाभ कमाया गया। मामले में कुल अपराध की कमाई लगभग 5,237.84 करोड़ रुपये है। इस धनराशि को बीवीआई और सिंगापुर स्थित शेल कंपनियों के माध्यम से विदेशों में चल-अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया गया और इसका एक हिस्सा शेयर पूंजी के रूप में वापस भारत में भी भेजा गया। मामले में आगे की जांच अभी जारी है। गोवा के अवैध लौह अयस्क खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सलगांवकर समूह और उसके सहयोगियों (एवीएस समूह) से जुड़ी 1,023.85 करोड़ की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है।

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