पेट, कमर या जांघ के पास उभरी हुई गांठ को कई लोग सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह हर्निया का संकेत हो सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और कई मामलों में तत्काल सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
क्या है हर्निया?
हर्निया तब होता है जब मांसपेशियों की कमजोरी के कारण शरीर का कोई अंग या वसा ऊतक बाहर की ओर उभरने लगता है। अधिक वजन, भारी सामान उठाना, लंबे समय तक खांसी, कब्ज और बढ़ती उम्र इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। इसका स्थायी इलाज सर्जरी है।
हर्निया के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
- पेट, कमर या जांघ की सूजन का लगातार बढ़ना।
- झुकने, खांसने, वजन उठाने या लंबे समय तक खड़े रहने पर दर्द होना।
- लेटने के बाद भी गांठ या सूजन का कम न होना।
- चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होना।
- सूजन के साथ लालिमा, तेज दर्द, उल्टी, बुखार या पेट फूलने की शिकायत होना।
कब बन जाती है मेडिकल इमरजेंसी?
यदि हर्निया के साथ अचानक तेज दर्द, उल्टी, गैस या मल का न निकलना, सूजन में लालिमा और पेट फूलने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया हो सकता है। इस स्थिति में आंत तक रक्त प्रवाह रुक सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
सर्जरी के बाद रिकवरी
आजकल हर्निया की सर्जरी ओपन या लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की जाती है। अधिकांश मरीज उसी दिन या अगले दिन घर लौट सकते हैं। कुछ दिनों में सामान्य गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, लेकिन कुछ सप्ताह तक भारी वजन उठाने से बचने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर से कब मिलें?
यदि सूजन लगातार बनी रहे, उसका आकार बढ़ने लगे, दर्द शुरू हो जाए या रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने लगें, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ से सलाह लें। समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद करता है।

