नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपनी अन्य लंबित मांगों को भी जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद जताई है। संगठन ने कहा कि उसकी तीन प्रमुख मांगों में से एक पूरी हो चुकी है, जबकि शेष मांगों पर सरकार के निर्णय का इंतजार है।
दो प्रमुख मांगें अब भी लंबित
सीजेपी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी प्रमुख मांगों में शामिल था, जो अब पूरी हो गई है। संगठन ने बताया कि अब भी दो मांगें लंबित हैं। इनमें आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की मांग शामिल है।
आरएएफ और दिल्ली पुलिस से सार्वजनिक माफी की भी मांग
सीजेपी ने एक अन्य लंबित मांग का भी उल्लेख किया, जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और दिल्ली पुलिस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और देशभर के लोग इन मांगों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरे दौर की वार्ता में रखी थी मांग
गौरतलब है कि शुक्रवार को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ संविधान क्लब में दूसरे दौर की वार्ता की थी। इस दौरान संगठन ने स्पष्ट किया था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा।
सीजेपी जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रही थी। संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी मांग की है।


