नई दिल्ली। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच हुई वार्ता के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है। सीजेपी ने दावा किया कि शिक्षा सुधारों को लेकर उसकी सभी प्रमुख मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। सरकार ने भी कहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सीजेपी की टीम के साथ आगे मिलकर काम किया जाएगा।
नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई वार्ता
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने शनिवार को दिल्ली के संविधान क्लब में केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत की। वार्ता के बाद चारों ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर समझौते और सरकार के आश्वासन की जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों को संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मुआवजे के मामले में सरकार छात्रों और उनके परिवारों की स्थिति को लेकर गंभीर है और नियमों के अनुसार संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एफआईआर वापस लेने और कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन
सीजेपी प्रवक्ताओं ने बताया कि उनकी पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी मांग दिल्ली और भाजपा शासित राज्यों में 20 तारीख के बाद आंदोलनों के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेने की थी। सरकार ने सभी एफआईआर की जानकारी तीन से चार दिनों के भीतर साझा करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में सीजेपी की टीम के खिलाफ आंदोलन को लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का भी भरोसा दिया है। संगठन अपनी मांगों का मसौदा सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद मंगलवार को सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिया जाएगा।
चार सप्ताह में शिक्षा सुधारों पर फिर होगी बातचीत
सीजेपी ने बताया कि नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी सरकार ने स्वीकार कर ली है। संगठन और सरकार के बीच चार सप्ताह के भीतर शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को लेकर दोबारा बातचीत होगी।
सरकार से मिले आश्वासन के बाद सीजेपी ने जंतर-मंतर और देशभर में चल रहे अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।


