पटना : Bihar में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद दिवंगत Mohammad Shahabuddin की पत्नी हिना शहाब को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलों के बीच All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने साफ संकेत दिया है कि वह इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं है।
AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष Akhtarul Iman ने Rashtriya Janata Dal (RJD) से अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा है। सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन समझदारी से काम ले तो बिहार से राज्यसभा की एक सीट जीती जा सकती है। उन्होंने अपील की कि RJD और कांग्रेस AIMIM को राज्यसभा में पहला सांसद भेजने का मौका दें।
ईमान ने कहा कि संसद के उच्च सदन में AIMIM का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख Asaduddin Owaisi राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखरता से अपनी बात रखते हैं, ऐसे में विपक्षी दलों को AIMIM का समर्थन करना चाहिए ताकि पार्टी को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि RJD-महागठबंधन और AIMIM की विचारधारा में समानता है।
दरअसल, विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों ने ईमान से हिना शहाब को RJD द्वारा संभावित उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल किया था। इस पर उन्होंने कहा कि AIMIM शुरू से ही महागठबंधन से अपने उम्मीदवार के समर्थन की मांग कर रही है। अगर समर्थन नहीं मिलता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। संकेत दिए गए हैं कि AIMIM बिहार से अपना प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है।
इधर, RJD विधायक Bhai Virendra ने हिना शहाब को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने की मांग पार्टी प्रमुख Lalu Prasad Yadav और कार्यकारी अध्यक्ष Tejashwi Yadav से की है। उन्होंने दावा किया कि यदि हिना शहाब को उम्मीदवार बनाया जाता है तो AIMIM का समर्थन मिल सकता है और सत्ताधारी गठबंधन में भी क्रॉस वोटिंग संभव है।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए नामांकन 26 फरवरी से शुरू होगा। इनमें तीन सीटें एनडीए और दो सीटें RJD के सांसदों की खाली हो रही हैं। मौजूदा संख्या बल के आधार पर एनडीए चार सीटें आसानी से जीत सकता है। हालांकि पांचवीं सीट के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी, जबकि RJD, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन को छह अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए।
ऐसे में पांच विधायकों वाली AIMIM और एक विधायक वाली बसपा की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। अब देखना होगा कि राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर महागठबंधन और अन्य दल किस रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं।
