नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। उनके चौथे निजी सचिव को भी तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी पर निर्धारित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर अनावश्यक दखलअंदाजी करने और कार्यालय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने के आरोप थे। इसी को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय में मंत्री कार्यालय में निजी सचिव स्तर पर लगातार बदलाव हुए हैं। ऐसे में चौथे निजी सचिव की भी विदाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस मामले में केंद्र सरकार या केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रहे इन बदलावों के पीछे कार्यालय की कार्यशैली को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाने की कोशिश भी एक कारण हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही हो सकेगी।
