केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए ₹25,530 करोड़ मंजूर

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, बेहतर और किफायती बनाने के लिए ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को एकीकृत करते हुए 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस महात्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत खाद्यान्न परिवहन, आधुनिक भंडारण, इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) स्वचालन और पूरी आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (सप्लाई चेन मैनेजमेंट) को तकनीकी रूप से मजबूत किया जाएगा। इस वृहद कार्ययोजना के लिए कुल 25,530 करोड़ रुपये के केंद्रीय व्यय को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लगी मुहर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बुधवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में उक्त आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) में फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि “स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस” अर्थात ‘सार्थक-पीडीएस’ को अब एक व्यापक छत्र (अम्ब्रेला) योजना के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें पूर्व से जारी खाद्यान्न परिवहन सहायता और ‘स्मार्ट-पीडीएस’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का पूर्ण एकीकरण किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण वितरण प्रणाली को अधिक नागरिक केंद्रित और उन्नत तकनीक समर्थ बनाना है।

राज्यों को मिलेगी संशोधित केंद्रीय सहायता, डीलरों का मार्जिन रहेगा बरकरार

इस नई व्यवस्था के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके राज्य की सीमाओं के भीतर खाद्यान्न परिवहन और उसके रखरखाव (हैंडलिंग) पर होने वाले वास्तविक खर्च के लिए संशोधित केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, राशन की उचित मूल्य दुकानों (फेयर प्राइस शॉप) के डीलरों के लाभांश (मार्जिन) और मौजूदा केंद्रीय वित्तीय सहायता के ढांचे को भी पूर्ववत जारी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर खाद्यान्न वितरण प्रभावित न हो।

81.35 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ, आधुनिक तकनीकों का होगा उपयोग

‘सार्थक-पीडीएस’ योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत आने वाले देश के 81.35 करोड़ लाभार्थियों की खाद्य सुरक्षा को सीधा और सुदृढ़ समर्थन प्रदान करेगी। इस योजना के तहत डिजिटल पहचान जुड़ाव (सीडिंग), ई-पॉस स्वचालन और पूरी तरह कंप्यूटरीकृत आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन का विस्तार देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग) और ब्लॉकचेन जैसी अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।

वास्तविक समय निगरानी और एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली होगी लागू

योजना के अंतर्गत खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए वास्तविक समय निगरानी (रियल टाइम मॉनिटरिंग) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वचालित शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने का भी प्रस्ताव है। सरकार का दावा है कि इस तकनीकी बदलाव से देश की राशन वितरण व्यवस्था पहले से कहीं अधिक जवाबदेह, पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और प्रभावी बनेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *