मियामी। मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में हार के बावजूद केप वर्डे ने अपने साहस, संघर्ष और शानदार खेल से दुनिया का दिल जीत लिया। महज पांच लाख से कुछ अधिक आबादी वाले इस छोटे अफ्रीकी द्वीपीय देश ने अतिरिक्त समय तक अर्जेंटीना को कड़ी चुनौती देकर अपनी अलग पहचान बनाई।
अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय तक किया परेशान
मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अतिरिक्त समय के 111वें मिनट में डिने बोर्गेस के आत्मघाती गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज की। हार के बावजूद केप वर्डे के खिलाड़ियों ने अपने जुझारू प्रदर्शन से फुटबॉल प्रेमियों की खूब सराहना बटोरी।
खिलाड़ियों ने कहा- छोटे देश भी बड़े सपने देख सकते हैं
मैच के बाद डिफेंडर पिको लोप्स ने कहा कि उनकी टीम ने साबित कर दिया है कि छोटे देश भी बड़े सपने देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि विश्वास और जज्बा मजबूत हो तो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को भी चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम का प्रदर्शन केप वर्डे के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
गोलकीपर वोजिन्हा बने आकर्षण का केंद्र
40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा पूरे टूर्नामेंट में सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहे। स्पेन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद सामाजिक माध्यमों पर उनके अनुयायियों की संख्या 50 हजार से बढ़कर 1.9 करोड़ से अधिक हो गई। उन्होंने कहा कि विश्व कप में खेलना पूरे देश का सपना था और टीम अपने प्रदर्शन पर गर्व महसूस कर रही है।
दो बार की बराबरी, अंत तक जारी रहा संघर्ष
लियोनेल मेसी के गोल से पिछड़ने के बाद केप वर्डे ने वापसी करते हुए डेरॉय डुआर्टे के गोल से मुकाबला बराबर किया। इसके बाद लिसांद्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर बढ़त दिलाई, लेकिन सिडनी लोप्स कैब्रल ने शानदार गोल कर एक बार फिर स्कोर बराबर कर दिया। अंततः आत्मघाती गोल ने केप वर्डे का सफर समाप्त कर दिया।
विश्व फुटबॉल में बनाई नई पहचान
पिको लोप्स ने कहा कि इस विश्व कप ने केप वर्डे को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि अब दुनिया जानती है कि केप वर्डे भी विश्व फुटबॉल में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की क्षमता रखता है और टीम ने आने वाली पीढ़ी के लिए नई राह दिखाई है।
