दरभंगा और मधुबनी की बंद चीनी मिलें फिर होंगी चालू

पटना : बिहार में बंद चीनी मिलों को शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। दरभंगा जिले के रैयाम और मधुबनी जिले के सकरी की बंद चीनी मिलें फिर से चालू की जाएंगी। इन्हें दोबारा चालू कराने से लेकर संचालन तक में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ) मदद करेगा। इसके लिए सोमवार को पटना के दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान में नीतीश सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की मौजूदगी में सहकारिता विभाग और एनएफसीएसएफ के बीच करार हुआ। सहकारिता विभाग की ओर से संयुक्त सचिव मो. अब्दुल रब खां और एनएफसीएसएफ, नई दिल्ली की तरफ से एमडी प्रकाश नाईकनवारे ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। इस मौके पर सहकारिता मंत्री ने कहा अगले 5 सालों में बिहार में उद्योगों की स्थापना तेजी से होगी। चीनी मिल खुलने से किसानों को फायदा मिलेगा और कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।ईख आयुक्त अनिल झा ने सोमवार को कहा कि बिहार में अभी 10 चीनी मिलें चालू हैं। महाराष्ट्र में 200 से अधिक चीनी मिलें हैं, जिसमें 100 से अधिक सहकारी चीनी मिलें हैं। बिहार की रैयाम और सकरी चीनी मिल के लिए 2401 गांवों का कमांड एरिया निर्धारित कर दिया गया है। गन्ना अन्य फसलों की तुलना में अधिक फायदेमंद है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ सकरी ओर रैयाम में नई सहकारी चीनी मिल स्थापना के लिए संभाव्यता रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) जल्द तैयार करेगा। इसके लिए एनएफसीएसएफ की टीम करार के तुरंत बाद मधुबनी और दरभंगा के लिए रवाना हो गई। संघ के एमडी प्रकाश नाईकनवारे ने कहा कि कभी देश में चीनी उत्पादन का 40 फीसदी हिस्सा बिहार का था। एक बार फिर इसे दोहराया जा सकता है। गन्ना से चीनी बनाने के साथ इथेनॉल उत्पादन में भी मदद मिलेगी।

सकरी एवं रैयाम में गन्ना कॉम्पलेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें चीनी उत्पादन के साथ-साथ पावर जेनरेशन, इथेनॉल उत्पादन तथा कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) उत्पादन भी शामिल है। बंद पड़ी सकरी चीनी मिल में 30.848 एकड़ तथा रैयाम चीनी मिल में 68.176 एकड़ भूमि उपलब्ध है, यह सहकारिता विभाग को हस्तांतरित होगी।

इस कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह, अपर निबंधक, सहयोग समितियां विकास कुमार बरियार और कामेश्वर ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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