ग्लासगो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने बुधवार को इतिहास रच दिया। पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में दिलीप महादु गावित ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगानाकाथी ने रजत पदक हासिल कर भारत को इस स्पर्धा में ऐतिहासिक दोहरी सफलता दिलाई।
दिलीप ने बनाया खेल रिकॉर्ड
दिलीप गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनका यह प्रदर्शन राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी बन गया। वहीं, मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत का गौरव बढ़ाया।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में यह भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू और पैरा गोला फेंक स्पर्धा में शर्मिला धनकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
संघर्षों से भरा रहा दिलीप गावित का सफर
महाराष्ट्र के नासिक जिले के पास स्थित तोरण डोंगरी गांव में एक किसान परिवार में जन्मे दिलीप गावित का जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। बचपन में खेतों में माता-पिता का हाथ बंटाने वाले दिलीप को करीब पांच-छह साल की उम्र में पेड़ से गिरने के कारण गंभीर चोट लगी थी।
समय पर इलाज नहीं मिलने से चोट बढ़ गई और संक्रमण के कारण उन्हें कोहनी के नीचे से अपना दाहिना हाथ गंवाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और पैरा एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई।
दिलीप ने इसी वर्ष इंडिया ओपन और नई दिल्ली ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीते थे। इसके अलावा 2022 एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 400 मीटर टी-47 स्पर्धा में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था।
ग्लासगो में दिलीप गावित और मोहम्मद बासिल का प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पदक संख्या बढ़ाने के साथ देश का नाम रोशन किया।


