तांबे और पीतल के बर्तनों का उपयोग कई घरों में रोजमर्रा के काम और पूजा-पाठ में किया जाता है। समय के साथ इन बर्तनों पर ऑक्सीडेशन की वजह से काली या मटमैली परत जम जाती है, जिससे उनकी चमक फीकी पड़ जाती है। यदि आप इन्हें बिना ज्यादा मेहनत के साफ करना चाहते हैं, तो नमक और साइट्रिक एसिड (नींबू सत) से तैयार एक साधारण घोल मददगार हो सकता है।
साफ करने के लिए क्या चाहिए?
इस घरेलू उपाय के लिए आपको केवल तीन चीजों की जरूरत होगी।
- हल्का गुनगुना पानी
- एक चम्मच नमक
- एक चम्मच साइट्रिक एसिड (नींबू सत)
ऐसे तैयार करें सफाई का घोल
एक कांच या प्लास्टिक के बर्तन में हल्का गुनगुना पानी लें। इसमें नमक और साइट्रिक एसिड डालकर अच्छी तरह मिलाएं, ताकि दोनों पूरी तरह पानी में घुल जाएं।
बर्तनों को घोल में डुबो दें
तांबे या पीतल के जिन बर्तनों पर काली परत जमी हो, उन्हें इस घोल में कुछ मिनट के लिए डुबो दें। ध्यान रखें कि जिस हिस्से पर दाग हैं, वह पूरी तरह घोल में डूबा रहे।
बिना ज्यादा रगड़े साफ हो सकती है परत
कुछ देर बाद बर्तनों को बाहर निकालें। यदि जरूरत हो तो मुलायम स्पंज या कपड़े से हल्के हाथों से पोंछ लें। इससे जमी हुई परत आसानी से हट सकती है और बर्तनों की चमक लौटने में मदद मिलती है।
अंत में साफ पानी से धोएं
बर्तनों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और तुरंत सूखे सूती कपड़े से पोंछ दें। इससे पानी के दाग नहीं पड़ेंगे और चमक लंबे समय तक बनी रहेगी।
ध्यान रखें ये बातें
- साइट्रिक एसिड का उपयोग करते समय दस्ताने पहनना बेहतर होता है, खासकर यदि आपकी त्वचा संवेदनशील हो।
- इस घोल का उपयोग केवल तांबे और पीतल जैसी उपयुक्त धातुओं पर करें। अन्य धातुओं या विशेष परत वाले बर्तनों पर इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के निर्देश जरूर देखें।
- बहुत पुराने या नक्काशीदार बर्तनों पर पहले किसी छोटे हिस्से पर परीक्षण कर लें।
यह तरीका सामान्य ऑक्सीडेशन और हल्के दाग हटाने में उपयोगी हो सकता है। यदि बर्तन पर बहुत अधिक जंग या स्थायी क्षति हो, तो पूरी चमक वापस आना संभव नहीं भी हो सकता।


