शरीर को स्वस्थ रखने के लिए केवल विटामिन ही नहीं, बल्कि जिंक जैसे आवश्यक खनिज भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। जिंक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, घाव भरने, कोशिकाओं की वृद्धि, डीएनए और प्रोटीन निर्माण सहित कई जरूरी शारीरिक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। शरीर जिंक का भंडारण नहीं कर पाता, इसलिए इसकी पूर्ति नियमित रूप से भोजन के माध्यम से करनी पड़ती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक की कमी होने पर व्यक्ति को बार-बार संक्रमण, थकान, कमजोरी, बाल झड़ना और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
शरीर में जिंक की क्या भूमिका है?
जिंक 300 से अधिक एंजाइमों के कार्य में शामिल होता है। यह कोशिकाओं की मरम्मत, वृद्धि और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है
जिंक श्वेत रक्त कोशिकाओं के कामकाज को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर बैक्टीरिया और वायरस से प्रभावी ढंग से लड़ पाता है। इसकी कमी होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
घाव भरने में करता है मदद
त्वचा की मरम्मत और नए ऊतकों के निर्माण में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही कारण है कि कई त्वचा संबंधी उपचारों में भी इसका उपयोग किया जाता है।
कोशिकाओं की वृद्धि और प्रोटीन निर्माण में सहायक
जिंक डीएनए निर्माण, कोशिका विभाजन और प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक है। बच्चों और किशोरों की शारीरिक वृद्धि में भी इसकी अहम भूमिका मानी जाती है।
जिंक के प्रमुख फायदे
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने में मदद करता है।
- सर्दी-जुकाम की अवधि कम करने में सहायक हो सकता है।
- त्वचा की मरम्मत और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
- आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में योगदान देता है।
- पुरुषों में प्रजनन स्वास्थ्य और टेस्टोस्टेरोन के सामान्य स्तर को समर्थन देने में भूमिका निभा सकता है।
किन लोगों में जिंक की कमी का खतरा अधिक होता है?
- जिन लोगों में पहले से जिंक की कमी हो।
- बुजुर्ग।
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
- पाचन तंत्र की कुछ बीमारियों से पीड़ित लोग।
- ऐसे शाकाहारी जिनके आहार में जिंक की मात्रा कम हो।
- बार-बार संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति।
जिंक किन खाद्य पदार्थों से मिलता है?
मांसाहारी स्रोत
- चिकन
- मछली
- अंडा
- लाल मांस
शाकाहारी स्रोत
- कद्दू के बीज
- तिल
- चना
- राजमा
- मसूर दाल
- काजू
- बादाम
- ओट्स
- साबुत अनाज
बिना सलाह सप्लीमेंट न लें
विशेषज्ञों के अनुसार, हर व्यक्ति को जिंक की गोलियां लेने की आवश्यकता नहीं होती। यदि जिंक की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो पहले चिकित्सकीय जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के बाद ही सप्लीमेंट लें। आवश्यकता से अधिक जिंक का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।


