जींद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम अब भारतीय रेलवे के इतिहास में उसी तरह दर्ज होगा, जैसे पहली रेलगाड़ी के कारण मुंबई और ठाणे का नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी उपलब्धि और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
करीब 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की पहचान हाइड्रोजन ट्रेन बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दुनिया के केवल कुछ ही देशों के पास हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने की क्षमता है और अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है।
दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल
प्रधानमंत्री ने कहा कि जींद से चलने वाली 10 डिब्बों की यह ट्रेन 3,200 हॉर्स पावर के प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है और दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन चालित यात्री ट्रेनों में शामिल है। यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन से बिजली बनाई जाती है और संचालन के दौरान केवल जलवाष्प निकलती है। इससे कार्बन उत्सर्जन नहीं होता।
रेलवे के विद्युतीकरण से बढ़ी ऊर्जा सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे में व्यापक बदलाव हुए हैं। वर्ष 2014 से पहले रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर था, जबकि अब देश के लगभग 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है। हरियाणा में रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत की रेल सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं। इसका प्रमुख कारण रेलवे का तेजी से हुआ विद्युतीकरण है।
रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना से भविष्य में हाइड्रोजन आधारित अवसंरचना विकसित होगी और नई फैक्ट्रियां स्थापित होंगी। इससे हरियाणा सहित देशभर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने लोगों से स्वच्छता को जीवन का संस्कार बनाने का भी आह्वान किया और कहा कि जींद तथा हरियाणा ने विकास की नई गति पकड़ी है।
14,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें 12,470 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड, अंबाला-काला अंब चार लेन राजमार्ग और जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही हांसी-बरवाला राजमार्ग परियोजना की आधारशिला भी रखी।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, भिवानी स्थित पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, नारनौल के महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल का लोकार्पण किया गया। कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखी गई।
प्रधानमंत्री ने अपने हालिया इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों के साथ खेल उद्योग, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल अवसंरचना के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय खेल नीति और ‘खेलो इंडिया’ अभियान से देश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

