चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए भविष्य की तकनीक, नवाचार और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत दुनिया से मदद मांगने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को दवाइयां और सहायता पहुंचाने वाला देश बनकर उभरा।
शुक्रवार को चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ सुनियोजित विकास, बेहतर जीवनशैली और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए चंडीगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है।
स्वास्थ्य ढांचे का हुआ अभूतपूर्व विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 के बाद 15 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को मंजूरी दी गई, सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेष अस्पतालों का विस्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है और एमबीबीएस तथा स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, पीजीआई चंडीगढ़ में एमबीबीएस कॉलेज को भी मंजूरी मिल गई है और जल्द ही यहां प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से बढ़ी पहुंच
प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत देशभर में लगभग 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं, जहां उपचार के साथ 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से अब तक 48 करोड़ से अधिक ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श दिए जा चुके हैं, जिससे दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल रही है।
टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। समय पर जांच और उपचार के कारण टीबी के इलाज का दायरा 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत में टीबी संक्रमण के मामलों में 21 प्रतिशत की कमी आई है।
भविष्य की तकनीक और नवाचार पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ शिक्षा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान के प्रमुख संस्थानों का केंद्र है। यह शहर भविष्य में नई तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं, स्टार्टअप और नवाचार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
उन्होंने हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन और तकनीकी प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
4,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें पीजीआईएमईआर में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर, एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर, 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और सरकारी कॉलेज सेक्टर-46 के छात्रावासों के अलावा कई प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।

