पश्चिमी सिंहभूम। जिले के खूंटपानी प्रखंड में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति का जायजा लेने के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) उत्कर्ष कुमार ने सोमवार को बड़ागुंटिया और उलीराजाबासा पंचायत का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के प्रति नाराजगी जताई।
जिला स्तर पर पंचायतों में प्रतिदिन करीब 200 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विपरीत खूंटपानी प्रखंड में पर्याप्त योजनाएं उपलब्ध होने के बावजूद औसतन केवल आठ श्रमिक ही प्रतिदिन कार्य करते पाए गए। डीडीसी ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए अधिकारियों को योजनाओं में अधिक से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को जोड़ने और उन्हें नियमित रोजगार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
कार्यस्थल पर एक भी श्रमिक नहीं मिला
उलीराजाबासा पंचायत में निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर एक भी श्रमिक मौजूद नहीं मिला। इस पर उप विकास आयुक्त ने संबंधित ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वीकृत योजनाओं के बावजूद यदि कार्यस्थलों पर श्रमिक नहीं मिलते हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी बगिया योजना के तहत नर्सरी विकास और अबुआ आवास तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीडीसी ने आवास लाभुकों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और अधूरे आवासों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश
पंचायत भवनों में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए जा रहे सुदृढ़ीकरण कार्यों, स्वीकृत योजनाओं और खर्च की गई राशि की भी जांच की गई। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
डीडीसी ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए योजनाओं का सही क्रियान्वयन और ग्रामीणों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराना जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान बीडीओ धनंजय पाठक, मुखिया हरिचरण देवगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।



