लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपाइयों ने नई दिल्ली में जो हंगामा किया, उससे “चोर मचाए शोर” वाली कहावत याद आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने प्रदेश में नकल और पेपर लीक का संगठित तंत्र चलाया।
धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की कई पीढ़ियों के भविष्य को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लिए अब “सैफई सिंडिकेट” देश तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
नकल विरोधी कानून को लेकर साधा निशाना
मंत्री ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने नकल विरोधी कानून लागू किया था, तब समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बनने के बाद शपथ ग्रहण के कुछ समय बाद ही नकल विरोधी कानून वापस ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। धर्मपाल सिंह ने आरोप लगाया कि नियमों को नजरअंदाज कर आयोग के अध्यक्ष पद पर अपने करीबी व्यक्ति को नियुक्त किया गया और वर्ष 2015 में पीसीएस परीक्षा का पेपर लीक हुआ।
भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
धर्मपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सपा शासन में लोक सेवा आयोग को प्रभावित किया गया और नियुक्तियां परिवार के इशारे पर होने लगीं। उन्होंने कहा कि नकल, पेपर लीक, सॉल्वर गिरोह और भर्ती घोटालों का एक पूरा तंत्र विकसित किया गया था।


