रांची। झारखंड में नियमित टीकाकरण अभियान को मजबूत बनाने, खसरा-रुबेला के संभावित मामलों पर नियंत्रण और टीकाकरण आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड के राज्य मुख्यालय नामकुम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता नियमित प्रतिरक्षण कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक और आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने संयुक्त रूप से की। बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जन, जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक और जिला डेटा प्रबंधक ऑनलाइन जुड़े।
टीकाकरण आंकड़ों की सटीकता पर जोर
बैठक में डॉ. विजय किशोर रजक ने स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) और यू-विन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के बीच सही मिलान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर बीसीजी, पेंटावेलेंट और खसरा जैसे महत्वपूर्ण टीकों के कवरेज में सुधार लाना विभाग की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को खसरा और रुबेला के संभावित मामलों की लगातार निगरानी करने और किसी भी संक्रमण के फैलाव को समय रहते रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और डेटा एंट्री ऑपरेटरों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य के अंतिम बच्चे तक समय पर टीकाकरण का लाभ पहुंच सके।
बैठक में बताया गया कि यू-विन पोर्टल पर खसरा-रुबेला टीकाकरण का कवरेज अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहा है। इसके पीछे टीकाकरण में कमी या टीकाकरण के बाद आंकड़ों को सही तरीके से पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाना कारण हो सकता है। अधिकारियों को दोनों स्थितियों में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


