मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। हार्मोन में बदलाव के कारण अनियमित रक्तस्राव, योनि में सूखापन और पेल्विक हिस्से में असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, हर बार इन लक्षणों को सामान्य मानना सही नहीं है। कई बार यही संकेत एंडोमेट्रियल कैंसर (गर्भाशय की अंदरूनी परत का कैंसर) की शुरुआत की ओर इशारा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मेनोपॉज के बाद होने वाली किसी भी असामान्य रक्तस्राव या लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने पर इलाज की संभावना काफी बेहतर रहती है।
एंडोमेट्रियल कैंसर क्या है?
एंडोमेट्रियल कैंसर गर्भाशय की अंदरूनी परत यानी एंडोमेट्रियम में विकसित होने वाला कैंसर है। यह बीमारी खासतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और मेनोपॉज के बाद अधिक देखी जाती है।
इसका सबसे सामान्य शुरुआती संकेत मेनोपॉज के बाद दोबारा योनि से रक्तस्राव होना माना जाता है। इसलिए इसे केवल हार्मोनल बदलाव समझकर लंबे समय तक टालना नुकसानदायक हो सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
असामान्य योनि रक्तस्राव
मेनोपॉज के बाद अगर दोबारा रक्तस्राव होता है तो यह सामान्य नहीं माना जाता। इसके अलावा मेनोपॉज के आसपास बहुत अधिक या अनियमित रक्तस्राव भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। कई महिलाएं इसे हार्मोन में बदलाव मानकर नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि यह एंडोमेट्रियल कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
असामान्य योनि स्राव
मेनोपॉज के दौरान योनि में कुछ बदलाव सामान्य हो सकते हैं, लेकिन लगातार पानी जैसा, गुलाबी, भूरे रंग का या दुर्गंधयुक्त स्राव चिंता का कारण हो सकता है। बिना संक्रमण के ऐसा स्राव होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
लगातार पेल्विक दर्द
मेनोपॉज के दौरान हल्की असहजता हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक बना रहने वाला या धीरे-धीरे बढ़ता हुआ पेल्विक दर्द सामान्य नहीं माना जाता। कैंसर बढ़ने पर गर्भाशय और आसपास के ऊतकों पर दबाव पड़ने से दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है।
संबंध बनाने के दौरान दर्द
मेनोपॉज के बाद हार्मोन की कमी से योनि में सूखापन हो सकता है, जिससे संबंध बनाने के दौरान दर्द होना आम है। लेकिन यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो और साथ में रक्तस्राव या असामान्य स्राव भी हो तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
मल त्याग में बदलाव
कब्ज, बार-बार शौच की इच्छा, पेट में दबाव या मल त्याग के दौरान परेशानी कई बार सामान्य पाचन समस्या लग सकती है। लेकिन यदि ये बदलाव लंबे समय तक बने रहें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
समय पर जांच से बच सकती हैं जटिलताएं
मेनोपॉज के दौरान शरीर में बदलाव होना स्वाभाविक है, लेकिन हर समस्या को केवल हार्मोनल परिवर्तन मानना सही नहीं है। मेनोपॉज के बाद रक्तस्राव, असामान्य योनि स्राव, लगातार पेल्विक दर्द या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
समय पर जांच और सही उपचार से एंडोमेट्रियल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का बेहतर इलाज संभव हो सकता है।


