HomeBreaking Newsविश्व हाथी दिवस पर ट्रेन की चपेट में हथिनी और शावक की...

विश्व हाथी दिवस पर ट्रेन की चपेट में हथिनी और शावक की मौत

कोयंबटूर। विश्व हाथी दिवस के दिन तमिलनाडु-केरल सीमा पर ट्रेन की चपेट में आने से हथिनी और उसके शावक की मौत हो गई। हादसा केरल के पलक्कड़ जिले के वालायर इलाके में बुधवार रात करीब पौने 12 बजे हुआ। वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि हादसे की वजह ट्रेन की तेज गति तो नहीं थी।

जानकारी के अनुसार, चार हाथियों का झुंड रेल पटरी पार कर रहा था। इसी दौरान मंगलुरु एक्सप्रेस की चपेट में झुंड आ गया। ट्रेन के इंजन के पहियों में फंसकर हथिनी और शावक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। पोकलेन मशीन की मदद से दोनों के शवों को पटरी से हटाया गया। हादसे के कारण तमिलनाडु-केरल के बीच रेल सेवाएं एक घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रहीं।

वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल

वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि तमिलनाडु के वन क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरों और ड्रोन के जरिए हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती है। हाथियों के रेलवे पटरी की ओर बढ़ने पर चेतावनी जारी की जाती है। उन्होंने केरल के वन क्षेत्रों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

हादसे वाली जगह से करीब 300 मीटर की दूरी पर तमिलनाडु की सीमा है। मदुक्कराई वन क्षेत्र में 16 करोड़ रुपये की लागत से कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। वहीं मदुक्कराई से कंजिकोड तक पिछले 20 वर्षों में ट्रेन की चपेट में आने से 35 जंगली हाथियों की मौत हो चुकी है। हाथियों की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में दो अंडरपास, 12 निगरानी मीनार और 24 कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरे लगाए गए हैं।

इससे पहले नवंबर 2021 में भी इसी मंगलुरु एक्सप्रेस की चपेट में आने से गर्भवती हथिनी समेत तीन हाथियों की मौत हुई थी।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments