भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु शिवजी की विशेष पूजा-अर्चना और सोमवार का व्रत रखते हैं। मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत और विधि-विधान से पूजा करने पर भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
कब है सावन का पहला सोमवार?
पंचांग के अनुसार, सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा। इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार होंगे। पहले सोमवार को शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत का विशेष महत्व माना गया है।
सावन के पहले सोमवार के शुभ मुहूर्त
सुबह के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: सुबह 5:43 बजे
- अमृत चौघड़िया: सुबह 5:43 बजे से 7:24 बजे तक
- शुभ चौघड़िया: सुबह 9:05 बजे से 10:46 बजे तक
- लाभ चौघड़िया: दोपहर 3:49 बजे से शाम 5:30 बजे तक
शाम के शुभ मुहूर्त
- सूर्यास्त: शाम 7:11 बजे
- अमृत चौघड़िया: शाम 5:30 बजे से 7:11 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 6:26 बजे से 7:56 बजे तक
सावन सोमवार पूजा विधि
- प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग पर जल अर्पित कर व्रत का संकल्प लें।
- भगवान शिव की पूजा के साथ शिव पुराण या शिव कथा का पाठ करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
- चौकी पर भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करें।
- प्रदोष काल में दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, धूप और दीप अर्पित कर आरती करें।
- श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत का पालन करें।
मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत और भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सुख-समृद्धि, मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है।


