नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर है। लगातार कई महीनों तक बिकवाली करने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने जुलाई में भारतीय बाजार का रुख किया है। जुलाई के पहले 10 कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने 24,662 करोड़ रुपये (करीब 2.59 अरब डॉलर) का शुद्ध निवेश किया है।
मार्च से मई तक हुई थी भारी बिकवाली
इससे पहले मार्च से मई के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 24 अरब डॉलर की निकासी की थी। अकेले मार्च में रिकॉर्ड 13.6 अरब डॉलर की बिकवाली हुई थी। उस समय ऊंचे वैल्यूएशन, वैश्विक अनिश्चितताओं और पूंजी प्रवाह में बदलाव के कारण निवेशकों ने भारतीय बाजार से दूरी बना ली थी।
जुलाई में इक्विटी बाजार पर बढ़ा भरोसा
जून में विदेशी निवेश मुख्य रूप से डेट (ऋण) बाजार में आया था, लेकिन जुलाई में निवेशकों ने इक्विटी बाजार में भी भरोसा दिखाया है। कुल निवेश का लगभग 61 प्रतिशत (करीब 1.6 अरब डॉलर) इक्विटी में आया है। इसके अलावा सुलभ मार्ग से 697 मिलियन डॉलर और सामान्य सीमा के तहत 340 मिलियन डॉलर का निवेश डेट बाजार में किया गया।
सरकारी कदमों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
विशेषज्ञों के अनुसार रुपये की स्थिरता, निवेश के वैश्विक रुझान में बदलाव और सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं आसान किए जाने का सकारात्मक असर देखने को मिला है। सॉवरेन बॉन्ड तक आसान पहुंच और कर संबंधी राहतों ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
हर कारोबारी दिन रहा सकारात्मक
जुलाई की शुरुआत से 10 जुलाई तक हर कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने शुद्ध खरीदारी की। सबसे अधिक निवेश 9 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक ही दिन में करीब 978 मिलियन डॉलर का निवेश भारतीय बाजार में आया।
