रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले और पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया है। सोनवानी पहले से रायपुर केंद्रीय जेल में बंद थे। ईडी ने उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने 31 जुलाई 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
रिश्वत की रकम और वित्तीय लेन-देन की होगी जांच
ईडी ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए सोनवानी को अपनी हिरासत में लिया है। एजेंसी अब सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में कथित अवैध धन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच करेगी। ईडी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित रिश्वत की रकम को किन खातों या माध्यमों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसी ने सोनवानी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। ईडी के अनुसार, मामले में पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोप है कि करीब 45 लाख रुपये की वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की धाराएं जोड़ी गईं।
सीबीआई पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारी
इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नवंबर 2024 में भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में सीबीआई ने जांच के बाद कई आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की है।
भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप
टामन सिंह सोनवानी पर वर्ष 2020-21 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप हैं। आरोप है कि उनके कार्यकाल में उनके बेटे, बहू और अन्य करीबी लोगों के साथ-साथ कुछ प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों का नियमों के विपरीत चयन कराया गया।
सीजीपीएससी भर्ती घोटाले मामले में तत्कालीन सचिव और परीक्षा नियंत्रक समेत कई लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। ईडी अब पूरे मामले में कथित आर्थिक लेन-देन और धन शोधन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।


