उज्जैन। उज्जैन में महाकाल मंदिर के ठीक पीछे स्थित करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा वाले प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में रक्षाबंधन को लेकर विशेष उत्साह है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, देश-विदेश की हजारों महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानकर रक्षाबंधन पर राखी भेजती हैं। इस वर्ष मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु, कोलकाता, भोपाल और इंदौर के अलावा अमेरिका, लंदन और हांगकांग से भी राखियां मंदिर पहुंच चुकी हैं। पंडित अक्षत व्यास ने गुरुवार को बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती को जगत का माता-पिता माना जाता है, इसी भाव से महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानती हैं। इस बार मुंबई की श्रद्धालु राजकुमारी जैन ने सोने की गिन्नी वाली विशेष राखी भेजी है। मंदिर में रक्षाबंधन के दिन भगवान गणेश को 51 फीट लंबी एक भव्य राखी भी अर्पित की जाएगी। श्रद्धालु महिलाएं केवल भगवान गणेश को ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नियों रिद्धि और सिद्धि को अपनी भाभी मानकर उनके लिए साड़ी और शृंगार की सामग्री भेजती हैं। इसके साथ ही भगवान गणेश की सवारी मूषक के लिए विशेष आसन भेजने की परंपरा का भी पालन किया जा रहा है।ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार, श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व बिना किसी भद्रा के साए के मनाया जाएगा। भद्रा 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे से शुरू होकर रात 9:25 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद 28 अगस्त को सुबह से लेकर पूरे दिन और प्रदोष काल तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में रक्षाबंधन पर देशभर के साथ ही अमेरिका, लंदन और हांगकांग से भी बहनों ने भगवान गणेश को अपना भाई मानकर राखियां भेजी हैं। इसके अलावा, रिद्धि-सिद्धि को भाभी मानकर उनके लिए साड़ी और वाहन मूषक के लिए आसन भी भेजे गए हैं। इस बार भगवान गणेश को 51 फीट की विशेष राखी अर्पित की जाएगी।
अमेरिका से लंदन तक… भगवान गणेश के लिए क्यों भेजी जा रही राखियां?
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