अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर 17 मई को हुए कथित ड्रोन हमले की कई देशों ने संयुक्त रूप से निंदा की है। जारी संयुक्त बयान में इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
80 से अधिक देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
संयुक्त बयान में यूएई के साथ अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बेल्जियम, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका समेत 80 से अधिक देशों ने समर्थन व्यक्त किया।
हमले को बताया अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा
बयान में कहा गया कि बराकाह परमाणु संयंत्र के बाहरी विद्युत बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाला हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। हस्ताक्षरकर्ता देशों ने यूएई के खिलाफ किसी भी प्रकार के हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है।
परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर जोर
संयुक्त बयान में कहा गया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और अन्य संवेदनशील परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए। देशों ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में परमाणु प्रतिष्ठानों के सुरक्षित और शांतिपूर्ण संचालन के समर्थन को दोहराया।
यूएई की संप्रभुता के समर्थन का भरोसा
बयान में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप यूएई की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया। साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
