घर में सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि कितनी क्षमता का सिस्टम उनके लिए सही रहेगा। इसका जवाब आपके मासिक बिजली बिल, स्वीकृत लोड और रोजाना बिजली खपत पर निर्भर करता है। सही क्षमता का सोलर सिस्टम चुनने से बिजली बिल में बड़ी बचत हो सकती है।
कितनी बिजली बनाता है 1kW, 3kW और 5kW सिस्टम
- 1kW सोलर सिस्टम: सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन 4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। इससे महीने में लगभग 120 से 150 यूनिट और साल में 1,400 से 1,800 यूनिट बिजली मिल सकती है। यह कम बिजली खपत वाले घरों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
- 3kW सोलर सिस्टम: रोजाना औसतन 13 से 15 यूनिट बिजली पैदा करता है। महीने में करीब 360 से 450 यूनिट बिजली उपलब्ध करा सकता है। गर्मियों में उत्पादन बढ़ जाता है, जबकि बारिश और सर्दियों में इसमें कमी आ सकती है।
- 5kW सोलर सिस्टम: सामान्य रूप से प्रतिदिन 20 से 25 यूनिट बिजली बनाता है। महीने में लगभग 600 से 750 यूनिट तक उत्पादन कर सकता है। अधिक बिजली उपयोग करने वाले परिवारों और एसी जैसे उपकरणों वाले घरों के लिए यह बेहतर विकल्प है।
सोलर सिस्टम चुनने से पहले क्या देखें
विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर पैनल लगाने से पहले अपने बिजली बिल में दर्ज स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) की जांच करना जरूरी है। ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम की क्षमता आमतौर पर स्वीकृत लोड से अधिक नहीं हो सकती। यदि अधिक क्षमता का सिस्टम लगाना है तो पहले बिजली कनेक्शन का लोड बढ़वाना होगा।
मौसम का भी पड़ता है असर
सोलर पैनल का वास्तविक उत्पादन मौसम, धूप की उपलब्धता, पैनल की दिशा, साफ-सफाई और उपकरणों की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। गर्मियों में उत्पादन अधिक और बरसात के मौसम में अपेक्षाकृत कम रहता है। इसलिए अनुमानित उत्पादन को औसत मानकर ही योजना बनानी चाहिए।
