गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम की 126 विधानसभा सीटों पर आज हो रही मतगणना के शुरुआती रुझानों ने तस्वीर साफ करनी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए (NDA) गठबंधन ने जबरदस्त बढ़त बनाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसा लग रहा है कि असम में एक बार फिर ‘कमल’ खिलने जा रहा है और बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने की ओर अग्रसर है।
विपक्ष पस्त, एनडीए मस्त
शुरुआती रुझानों में बीजेपी, एजीपी और यूपीपीएल का गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत (AIUDF के साथ) पर भारी पड़ता दिख रहा है। जहाँ सत्ताधारी दल अपनी विकास योजनाओं और कड़े फैसलों के दम पर आगे बढ़ रहा है, वहीं विपक्षी गठबंधन फिलहाल पिछड़ता नजर आ रहा है।
ये रहे जीत के बड़े फैक्टर:
- विकास और अस्मिता: चुनाव में विकास के दावों के साथ-साथ एनआरसी (NRC) और सीएए (CAA) जैसे मुद्दों ने मतदाताओं के ध्रुवीकरण में बड़ी भूमिका निभाई।
- भारी मतदान का असर: 9 अप्रैल को हुई रिकॉर्ड वोटिंग का फायदा सीधे तौर पर सत्ता विरोधी लहर के बजाय सत्ता के समर्थन में जाता दिख रहा है।
- मोदी-शाह का जादू: पीएम मोदी और अमित शाह की ताबड़तोड़ रैलियों ने कार्यकर्ताओं में जो जोश भरा था, वह अब नतीजों में तब्दील होता दिख रहा है।
पूर्वोत्तर में बीजेपी का दबदबा
यदि ये रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो यह न केवल हिमंता बिस्वा सरमा के कद को बढ़ाएगा, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी के ‘अजेय’ होने के संदेश को और पुख्ता कर देगा। कांग्रेस के लिए ये नतीजे एक बार फिर मंथन का विषय बन सकते हैं।
