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जमशेदपुर अपहरण मामला: 12 दिन बाद भी कैरव गांधी का सुराग नहीं, भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा

पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर के बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अबतक पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। कैरव की सुरक्षित बरामदगी न होने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

अपहरण का यह मामला अब झारखंड की राजनीति के केंद्र में आ गया है और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस एरिया पहुंचे और कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान नवनियुक्त जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा भी उपस्थित रहे। नेताओं ने परिजनों से बातचीत कर अबतक की पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

परिजनों से मुलाकात के बाद भाजपा नेताओं ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से फोन पर बातचीत की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेताओं ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस केवल औपचारिकताएं निभा रही है और अपराधियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

उन्होंने कहा कि 27 जनवरी को वे स्वयं राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा से मुलाकात कर इस मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की मांग करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 12 दिन बीत जाने के बावजूद किसी प्रकार की ठोस जानकारी न मिलना अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

वहीं अर्जुन मुंडा ने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता के कारण पीड़ित परिवार न्याय से वंचित है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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