जनसुराज का अब नया मास्टरस्ट्रोक

‘जनसुराज ‘विचार मंच’ के जरिए अब होगी वैचारिक घेराबंदी

मुंगेर के कुँवर चन्द्रेश को कमान, पूर्वी चंपारण के कद्दावर व्यक्तित्व राजन दत्त द्विवेदी बने प्रदेश उपाध्यक्ष

पटना ।

बिहार की राजनीति में व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प लेकर उतरी जन सुराज पार्टी ने चुनावी समर से पहले अपने सांगठनिक ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन कर एक बड़ा धमाका किया है। पार्टी ने न केवल अपने ‘बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ’ का नाम बदलकर उसे ‘जन सुराज विचार मंच’ का नया और व्यापक स्वरूप दिया है, बल्कि सूबे के 11 दिग्गज चेहरों को इस मंच की कमान सौंपकर अपनी भविष्य की रणनीति स्पष्ट कर दी है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (पत्रांक JSP/NTF/67/2026) के अनुसार, इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध वर्ग को सीधे धरातल की राजनीति और जन-संवाद से जोड़ना है।

प्रमुख नियुक्तियाँ: अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन का बेजोड़ संगम
संगठन को धार देने के लिए पार्टी ने मुंगेर के अनुभवी नेता कुँवर चन्द्रेश पर भरोसा जताते हुए उन्हें ‘जन सुराज विचार मंच’ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, सांगठनिक तालमेल बिठाने के लिए पटना के राकेश यादव को प्रदेश महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

पूर्वी चंपारण का बढ़ा कद राजन दत्त द्विवेदी बने प्रदेश उपाध्यक्ष

इस नई सूची में चंपारण की धरती को विशेष तरजीह मिली है। अपनी बेबाक लेखनी और सामाजिक पकड़ के लिए विख्यात सीनियर पत्रकार राजन दत्त द्विवेदी को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति को जिले के प्रबुद्ध वर्ग और मीडिया जगत में जन सुराज की बढ़ती पैठ के तौर पर देखा जा रहा है।

उपाध्यक्षों की पूरी टीम इस प्रकार है
राजन दत्त द्विवेदी (पूर्वी चंपारण)राकेश कुमार सिन्हा (गया) जोगेश्वर मोची (मधुबनी) बिरेंद्र सिंह (रोहतास) संजय कुमार सुमन (गोपालगंज) प्रो. जमील अख्तर (किशनगंज) देवी प्रसाद चौधरी (सीतामढ़ी)प्रो. सुधीर मालाकार (वैशाली)
कुशेश्वर भगत (बेगूसराय) क्यों बदला गया नाम? ‘थिंक-टैंक’ की भूमिका में होगा ‘विचार मंच’
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि ‘बुद्धिजीवी’ शब्द एक सीमित दायरे को दर्शाता था, जबकि ‘विचार मंच’ अधिक समावेशी और जनता के करीब है। यह मंच अब पार्टी के लिए एक ‘थिंक-टैंक’ की तरह काम करेगा, जो ‘सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास’ के नारे को गांव-गांव तक पहुँचाएगा।

“जन सुराज के वैचारिक संवाद को अधिक व्यापक और समावेशी बनाने के लिए यह पुनर्गठन किया गया है। ‘विचार मंच’ अब राज्य से लेकर जिला स्तर तक एक सेतु का कार्य करेगा।” मनोज कुमार भारती, प्रदेश अध्यक्ष, जन सुराज पार्टी

मिशन 2026: चुनावी बिसात पर नई चाल
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए जन सुराज ने मिशन 2026 की तैयारी तेज कर दी है। नवनियुक्त पदाधिकारी न केवल क्षेत्रीय कोर कमेटी और जिला कार्यकारिणी के साथ समन्वय करेंगे, बल्कि सरकार की विफलताओं और पार्टी की नीतियों पर बौद्धिक विमर्श के जरिए मतदाताओं को गोलबंद करने का काम भी करेंगे।
अब देखना यह है कि अनुभवी दिग्गजों की यह नई टीम बिहार की सियासत में वैचारिक क्रांति के जरिए कितना बड़ा बदलाव ला पाती है।

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