लॉस एंजिल्स। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। मैच के अंतिम क्षणों में मिकेल मेरिनो के विजयी गोल ने स्पेन को 16 साल बाद विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचा दिया। अब सेमीफाइनल में उसका सामना फ्रांस से होगा।
रुइज ने दिलाई बढ़त, बेल्जियम ने की बराबरी
मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार बेल्जियम के गोल पर दबाव बनाया। 30वें मिनट में लामिन यामाल के शानदार मूव के बाद पेड्रो पोरो ने बॉक्स में लो क्रॉस दिया। गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने डैनी ओल्मो का पहला प्रयास रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि, बेल्जियम ने भी जोरदार वापसी की। 41वें मिनट में टिमोथी कास्टेग्ने के सटीक क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल के साथ स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन की लगातार छह क्लीन शीट और विश्व कप में 650 मिनट तक बिना गोल खाए रहने का रिकॉर्ड भी समाप्त हो गया।
कोर्टुआ की चोट और मेरिनो का मैच विनिंग गोल
दूसरे हाफ में 71वें मिनट पर बेल्जियम को बड़ा झटका लगा, जब उसके अनुभवी गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हो गए। उनकी जगह सेने लैमेंस को उतारा गया।
जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी स्पेन के कोच ने 86वें मिनट में मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। मेरिनो ने सिर्फ दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया। पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को बेल्जियम के नए गोलकीपर लैमेंस ठीक से नहीं संभाल सके। गेंद उनके हाथों से छिटक गई और मेरिनो ने मौके का फायदा उठाते हुए आसान गोल कर स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी।
यह लगातार दूसरा नॉकआउट मुकाबला रहा, जिसमें मेरिनो ने बतौर विकल्प मैदान पर उतरकर स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया। इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ भी जीत दिलाने वाला गोल दागा था।
16 साल बाद अंतिम चार में स्पेन
इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। टीम का अगला मुकाबला फ्रांस से होगा, जिसने पिछले विश्व कप में फाइनल तक का सफर तय किया था। शानदार लय में चल रही स्पेनिश टीम अब खिताब से सिर्फ दो जीत दूर है।
