पटना: इजरायल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब राजधानी पटना में भी देखने को मिल रहा है. घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर के लिए नंबर लगाने में काफी परेशानी हो रही है. वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई है. इसका सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है, जो बिहार के अलग-अलग जिलों से आकर पटना में रहकर पढ़ाई करते हैं. इन छात्रों के पास आमतौर पर एक स्टोव का चूल्हा और तीन से चार लीटर की छोटी गैस टंकी होती है. वे खुदरा में गैस खरीदकर उसी से खाना बनाते हैं. लेकिन मौजूदा हालात में गैस की कीमत अचानक बढ़ गई है. पहले जो गैस लगभग 80 रुपये प्रति किलो मिलती थी, वह अब करीब 200 से 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. पटना में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर छात्रों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। सरकार का दावा है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। लेकिन मुसल्लहपुर हाट में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की स्थिति इस दावे से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। छात्रों का कहना है कि उन्हें गैस नहीं मिल रही है, जिसके कारण खुद खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई छात्रों के गैस सिलेंडर खत्म हो चुके हैं और नया सिलेंडर भरवाने पर भी गैस उपलब्ध नहीं हो रहा है। छात्रों के अनुसार यह कोई अफवाह नहीं, बल्कि हकीकत है कि गैस नहीं मिल रही। कई छात्र ऐसे परिवारों से आते हैं जहां से उन्हें महीने में केवल 4 हजार रुपये खर्च के लिए मिलते हैं। ऐसे में 300 रुपये प्रति किलो गैस खरीदना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया है।
