
मोतिहारी।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है कि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने हाल ही में परम पावन 14 वें दलाई लामा से सौजन्य भेंट की तथा उन्हें विश्वविद्यालय परिसर, मोतिहारी के भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।
यह ऐतिहासिक और प्रेरणादायी मुलाकात शांति, करुणा, मानवता, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है। ये वे आदर्श हैं जिनका जीवनपर्यंत अनुसरण महात्मा गांधी और परम पावन दलाई लामा ने किया है तथा जिनकी प्रासंगिकता आज भी विश्वभर में अनुभव की जाती है।
भेंट के दौरान कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, भावी दृष्टि, नवाचारों तथा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं वैश्विक उत्कृष्टता के समन्वय के लिए किए जा रहे प्रयासों से परम पावन को अवगत कराया। उन्होंने मोतिहारी की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह वही पावन भूमि है जहाँ से महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह के माध्यम से सत्य, अहिंसा और सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया था।
कुलपति ने परम पावन दलाई लामा को विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं बुद्धिजीवियों के साथ संवाद करने हेतु आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि परम पावन का विश्वविद्यालय आगमन युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी होगा तथा शांति, नैतिक नेतृत्व, आध्यात्मिक चिंतन और मानवीय मूल्यों के प्रति नई चेतना का संचार करेगा।
यह महत्वपूर्ण भेंट कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय की बढ़ती राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी रेखांकित करती है। प्रतिष्ठित वैश्विक व्यक्तित्वों, चिंतकों और शिक्षाविदों के साथ सार्थक संवाद के माध्यम से विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के संवर्धन की दिशा में अग्रसर है।
विश्वविद्यालय परिवार ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की है कि निकट भविष्य में परम पावन दलाई लामा का चंपारण की ऐतिहासिक धरती पर आगमन होगा, जिससे संपूर्ण शैक्षणिक समुदाय लाभान्वित एवं प्रेरित होगा।
