बच्चे के जन्म के बाद मां शारीरिक और भावनात्मक रूप से कई बदलावों से गुजरती है। ऐसे समय में यदि पिता सक्रिय रूप से बच्चे की देखभाल में भागीदारी करें, तो न केवल मां का बोझ कम होता है बल्कि पिता और बच्चे के बीच भी गहरा जुड़ाव बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नए पापा को शुरुआत में ही कुछ जरूरी देखभाल के कौशल सीख लेने चाहिए।
डायपर बदलना सीखें
हर पिता को नवजात का डायपर बदलना आना चाहिए। सामान्य तौर पर डायपर हर दो से तीन घंटे में बदलना पड़ सकता है। यह काम छोटा जरूर लगता है, लेकिन इससे मां को पर्याप्त आराम मिलता है और पिता भी बच्चे की दैनिक देखभाल में सहज हो जाते हैं।
कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना सीखें
यदि किसी कारण से बच्चे को कटोरी-चम्मच से दूध पिलाने की जरूरत हो, तो यह काम पिता को भी आना चाहिए। इससे मां को कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है और बच्चे के साथ पिता का संपर्क और विश्वास दोनों बढ़ते हैं।
बच्चे को डकार दिलाना जानें
दूध पिलाने के बाद बच्चे को सुरक्षित तरीके से डकार दिलाना बहुत जरूरी होता है। पिता को यह समझना चाहिए कि बच्चे की गर्दन को कैसे सहारा देना है और किस स्थिति में उसे पकड़ना सुरक्षित रहता है। सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चे को गैस, बेचैनी और उल्टी जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब मां और पिता दोनों मिलकर बच्चे की देखभाल करते हैं, तो बच्चे का भावनात्मक और सामाजिक विकास बेहतर होता है। साथ ही, मां को यह महसूस होता है कि वह इस जिम्मेदारी में अकेली नहीं है। पिता का यह सहयोग अक्सर लंबे समय तक याद रखा जाता है और दांपत्य संबंध भी अधिक मजबूत बन सकते हैं।


