गांधीनगर : गुजरात सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को एक नई दिशा देते हुए नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘नागरिक देवो भव:’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म इंक (Meta Platforms Inc.) के बीच गांधीनगर में व्हाट्सएप आधारित सिटीजन सर्विस डिलीवरी को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस समझौते को गुजरात में ‘वन डे गवर्नेंस से व्हाट्सएप गवर्नेंस’ की ओर बढ़ता हुआ एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
घर बैठे अंग्रेजी और गुजराती में मिलेंगी 20 नागरिक केंद्रित सेवाएं
राज्य सरकार ने पहले ही ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ पहल के तहत पांच प्रमुख विभागों की लगभग 20 नागरिक केंद्रित सेवाएं व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से प्रयोग के तौर पर शुरू की हैं। अब मेटा के साथ इस नई साझेदारी के जरिए इन सेवाओं को और अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाया जाएगा। इस पहल के पूरी तरह लागू होने के बाद राज्य के नागरिक अंग्रेजी और गुजराती भाषा में महज एक ही व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ अपने मोबाइल फोन पर घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। इससे लोगों को अलग-अलग सरकारी पोर्टल पर लॉगिन करने या सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने और लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
राशन कार्ड अपडेट से लेकर आय-जाति प्रमाणपत्र तक की सुविधा
प्रदेश सरकार की व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाने वाली प्रमुख सेवाओं में निम्नलिखित सुविधाएं शामिल होंगी:
नागरिकों की शिकायत निवारण सहायता
आय, जाति और ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाणपत्र के आवेदन
राशन कार्ड में नाम सुधार एवं अपडेट
राजस्व रिकॉर्ड (जमीन से जुड़े दस्तावेज) और आधिकारिक शपथपत्र (एफिडेविट)
इसके साथ ही नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर प्रमाणपत्र डाउनलोड करने तक की पूरी जानकारी और रियल टाइम स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा भी व्हाट्सएप पर ही मिलेगी।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ेगी पारदर्शिता
राज्य सरकार का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से सरकारी सेवाओं की पहुंच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से मजबूत होगी। मोबाइल पर कुछ ही क्लिक में सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों का समय और धन दोनों बचेंगे, वहीं प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही भी बेहद मजबूत होगी। सरकार आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य कई विभागों की लोक-कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को भी इस व्हाट्सएप आधारित प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी कर रही है।
शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ एमओयू
गुजरात सरकार पहले से ही शहरी क्षेत्रों में जन सेवा केंद्रों और ग्रामीण इलाकों में वीसीई आधारित व्यवस्था के माध्यम से लाखों लोगों तक सेवाएं पहुँचा रही है। अब मेटा के साथ इस समझौते के जरिए गुजरात डिजिटल और नागरिक केंद्रित गवर्नेंस के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (प्रशिक्षण एवं प्रशासनिक सुधार) के सचिव हारित शुक्ला तथा मेटा के डायरेक्टर एवं हेड ऑफ पॉलिसीज अमन जैन और कंट्री डायरेक्टर ए. श्रीनिवास ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव एम. के. दास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
